J&J की कोरोना वैक्सीन को भारत में मंजूरी, लेकिन डिलिवरी का समय तय नहीं, जानें कंपनी ने क्या कहा

भारत ने जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson vaccine ) की सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है.

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भारत में अब तक कुल पांच वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है. (सांकेतिक तस्वीर) भारत में अब तक कुल पांच वैक्सीन के इस्तेमाल को मंजूरी मिल चुकी है. (सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 8:27 AM IST
  • अबतक पांच वैक्सीन को मिली है मंजूरी
  • मॉडर्ना की एक भी डोज अबतक भारत नहीं आई
  • 85% प्रभावी है जेजे की सिंगल डोज वैक्सीन

भारत ने जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson and Johnson vaccine ) की सिंगल डोज कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. लेकिन कंपनी का कहना है कि वैक्सीन की भारत में डिलवरी के लिए टाइमलाइन का ऐलान करना अभी जल्दबाजी होगी.

कंपनी ने भारत में आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए आवेदन किया था. घरेलू वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल ई लिमिटेड के साथ आपूर्ति समझौते के माध्यम से वैक्सीन को भारत लाया जाएगा. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को एक ईमेल में कंपनी ने जवाब दिया कि हम लोग डिलवरी के मानकों की प्रतिबद्धता को पूरा करने की ओर देख रहे हैं. वैक्सीन की डिलवरी के लिए अभी से टाइमलाइन का ऐलान करना फिलहाल आसमयिक है.

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पांचवी वैक्सीन को मिली है आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी

कोविशील्ड, कोवैक्सिन, स्पुतनिक V और मॉडर्ना के बाद जॉनसन 5वीं वैक्सीन है, जिसे मंजूरी मिली है. मॉडर्ना को जून में मंजूरी मिल गई थी लेकिन कंपनी द्वारा मांगी गई कानूनी सुरक्षा को लेकर विवाद के चलते अबतक एक भी डोज भारत नहीं आ पाई है. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि जॉनसन & जॉनसन की भी कानूनी मानकों को भारत के साथ सहमित बन पाई है या नहीं. अमेरिका की फाइजर कंपनी को भी भारत में वैक्सीन के इस्तेमाल के लिए अनुमित लेनी है. 

इसपर भी क्लिक करें- कोरोना: वैक्सीनेशन में भारत ने रचा कीर्तिमान, 50 करोड़ डोज का आंकड़ा पार

J&J के तरफ से एक बयान में कहा गया कि यह निर्णय फेज 3 ENSEMBLE क्लिनिकल परीक्षण के डेटा पर आधारित था. हमारे सिंगल-शॉट वैक्सीन का प्रदर्शन शानदार रहा. टीकाकरण के 28 दिनों के बाद यह वैक्सीन गंभीर बीमारी को रोकने में 85% प्रभावी नजर आई और COVID-19 से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करती है. कोरोना वायरस महामारी से जंग के खिलाफ यह एक महत्वपूर्ण कदम है.

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