पहलगाम हमले का असर चारधाम यात्रा पर नहीं... सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कैसी हैं तैयारियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा छह महीने तक चलती है, लेकिन इसका स्वरूप बहुत बड़ा होता है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यात्रा के लिए कई बड़े और अलग काम यहां पर हुए हैं." उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का जिक्र किया, जो तेजी से बन रही है. साथ ही, चारधाम ऑल वेदर रोड का काम लगभग पूरा हो गया है, जिसके कारण यात्रा बहुत आसान हो गई है.  

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 6:48 PM IST

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं. आज तक के विशेष कार्यक्रम 'धर्म संसद' में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर अपनी तैयारियों और अनुभवों को साझा किया. सीएम धामी ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि, "चारधाम यात्रा यहां पर एक बहुत बड़ा महोत्सव है और इसकी तैयारी बहुत दिनों पहले से प्रारंभ हो जाती है." उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली है, तब से हर वर्ष यात्रा के नए-नए अनुभव मिले हैं.  

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पहलगाम हमले के संदर्भ में उन्होंने कहा, चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है. पहलगाम में हुआ हमला पूरी तरह से कायराना हरकत थी.

सांस्कृितक एकता की प्रतीक है चारधाम यात्रा
सीएम धामी ने चारधाम यात्रा को केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा, "यह पूरे भारत की एक सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. हमारी समृद्धि का भी और समरसता का भी बहुत बड़ा प्रतीक है." उन्होंने यह भी बताया कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान देती है. "यहां के हमारे होटल, यहां के व्यापारी, घोड़े-खच्चर वाले, टूरिस्ट गाइड, सभी का काम चलता है और इसके कारण से लोगों को जो उनकी आय होती है, वो पूरे साल भर काम आती है."  

चारधाम ऑल वेदर रोड का काम पूरा
मुख्यमंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा छह महीने तक चलती है, लेकिन इसका स्वरूप बहुत बड़ा होता है. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यात्रा के लिए कई बड़े और अलग काम यहां पर हुए हैं." उन्होंने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का जिक्र किया, जो तेजी से बन रही है. साथ ही, चारधाम ऑल वेदर रोड का काम लगभग पूरा हो गया है, जिसके कारण यात्रा बहुत आसान हो गई है.  

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2013 में आई आपदा के बाद कई बड़े निर्माण
सीएम धामी ने 2013 में केदारनाथ में आई आपदा का जिक्र किया. उन्होंने कहा, "2013 में आपदा आई थी, उस आपदा के बाद धाम और उससे जुड़े रास्ते पूरी तरह से वहां तहस-नहस हो गए थे. सारा परिसर खराब हो गया था. उसका नव निर्माण हुआ है.' उन्होंने यह भी बताया कि भगवान बद्री विशाल के प्रांगण में मास्टर प्लान पर काम चल रहा है. मुख्यमंत्री ने पिछले साल की चुनौतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया, 'पिछले साल 35 दिनों तक यात्रा बाधित रही. केदार घाटी में बहुत बड़ी आपदा आई थी, जिसके चलते 29 स्थानों पर यात्रा अवरुद्ध हो गई थी. कई मार्ग अवरुद्ध हो गए, लैंडस्लाइड हुआ, पुल ध्वस्त हो गए. लेकिन इसके बावजूद एक रिकॉर्ड बना. सीएम ने कहा, "उसके बाद भी 46,00,000 लोगों ने चार धामों में दर्शन किए हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है."  

विदेशों से भी लोग करा रहे हैं रजिस्ट्रेशन
इस दौरान उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का महत्व इतना बढ़ गया है कि देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर से लाखों लोगों ने अपनी उपस्थिति के लिए रजिस्ट्रेशन करा रखा है. सीएम धामी ने सहमति जताते हुए यात्रा की व्यापकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि, ऋषिकेश ऋषियों की भूमि और समूचा उत्तराखंड देवभूमि है. चारधाम यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की और तैयारियों को लेकर आश्वस्त करते हुए कहा कि, यह यात्रा हर बार की तरह बहुत भव्य और व्यवस्थित होने वाली है.

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पहलगाम हमले पर क्या बोले सीएम
पहलगाम में हुए हमले के संदर्भ में सीएम धामी ने बताया कि इस बार यात्रा को और सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, "यह कायराना हमला भारत की एकता और अखंडता पर प्रहार है. आज का भारत दोस्ती और दुश्मनी दोनों को बखूबी निभाना जानता है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सेना ऐसे राक्षसों का पूरी तरह सफाया करेगी."

उन्होंने यह भी बताया कि इस हमले का असर उत्तराखंड की चारधाम यात्रा पर नहीं पड़ा है. उल्टे बुकिंग्स में और वृद्धि देखी जा रही है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस बार यात्रा पहले से भी भव्य होगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि हर यात्री सुरक्षित और सुगमता से दर्शन कर सके. देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का यह महाउत्सव न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से भी देश को एक सूत्र में बांधता है.

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