एक साथ इंडियन और विदेशी पासपोर्ट नहीं रख पाएंगे नाबालिग, नागरिकता से जुड़े कानून में क्या-क्या बदला?

अगर किसी नाबालिग के पास इंडियन पासपोर्ट है तो वह उसी समय किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता है. गृह मंत्रालय ने नागरिकता और OCI कार्ड से जुड़े नियमों में बदलावों को लागू कर दिया है. सरकार ने ये बदलाव दोहरी नागरिकता से जुड़े विवादों को दूर करने के लिए किया है.

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OCI कार्ड और नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं. (Photo: ITG) OCI कार्ड और नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:07 AM IST

भारत के गृह मंत्रालय ने नागरिकता से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. नए नियमों के अनुसार कोई भी नाबालिग बच्चा एक ही समय में भारत और किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं रख पाएगा. इसके अलावा सरकार ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया कार्ड (OCI) को लेकर बड़ा बदलाव किया है. सरकार के आदेश पर OCI कार्ड जमा करना होगा. जमा न करने पर भी इसे स्वतः रद्द माना जाएगा. 

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार को नागरिकता नियम 2009 में बदलावों को नोटिफ़ाई कर दिया है. यानी कि ये बदलाव अब लागू हो गए है. सरकार के ये बदलाव OCI कार्ड और नागरिकता आवेदन के लिए डिजिटल शिफ्ट की ओर इशारा करते हैं. 

सरकार द्वारा जारी ये बदलाव नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से जाने जाएंगे. आइए समझते हैं कि इन बदलावों से नागरिकता और OCI कार्ड को लेकर क्या बदलाव होंगे. 

1- एक नाबालिग के पास नहीं हो सकता दो पासपोर्ट

सरकार ने नोटिफिकेशन में स्पष्ट कर दिया है कि एक, "नाबालिग बच्चा किसी भी समय इंडियन पासपोर्ट रखते हुए किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता." ऐसा प्रावधान नागरिकता से जुड़े विवादों खत्म करने के लिए किया गया है. 

ये प्रावधान नियम 3 में एक नए नियम में जोड़ा गया है और यह दोहरी नागरिकता के गलत इस्तेमाल से जुड़ी चिंताओं को दूर करता है. 

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सिटीजनशिप रूल्स 2009 अधिकार देता है कि कोई भी व्यक्ति भारत के बाहर पैदा हुए अपने नाबालिग बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए  
उस देश में इंडियन कॉन्सुलेट में एप्लीकेशन दे सकता था जहां बच्चा पैदा हुआ था. 

2-  OCI आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी

OCI कार्ड के लिए आवेदन अब सिर्फ ऑनलाइन पोर्टल पर होगा. ऑफलाइन या मैनुअल आवेदन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि OCI कार्ड रजिस्ट्रेशन और OCI कार्ड समर्पण के सभी एप्लीकेशन अब ऑफिशियल पोर्टल के ज़रिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से जमा किए जाएंगे. ये पोर्टल है- ociservices.gov.in


इसमें कहा गया है, "सेक्शन 7A के तहत ओवरसीज सिटीजन ऑफ़ इंडिया (OCI) कार्डहोल्डर के तौर पर रजिस्ट्रेशन के लिए एप्लीकेशन फॉर्म XXVIII में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से तय ऑनलाइन पोर्टल पर भरा जाएगा." यानी अब OCI कार्ड के लिए कागज, फॉर्म और लिखने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी. 

3- तो जमा करना होगा OCI कार्ड

अगर कोई व्यक्ति OCI छोड़ने की घोषणा करता है तो इस व्यक्ति को अपना ओरिजिनल फिजिकल कार्ड सबसे पास के इंडियन मिशन, पोस्ट या फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को जमा करना होगा. अगर सरकार OCI स्टेटस कैंसल करती है तो फिजिकल कार्ड वापस करना होगा. 

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अगर व्यक्ति अपना कार्ड वापस नहीं करता है तो भी सरकार इसे ऑफिशियली कैंसल घोषित कर सकती है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जिनके पास e-OCI है, सरकार उनके रिकॉर्ड में डिजिटल रजिस्ट्रेशन कैंसल कर सकती है.

सरकार ने एप्लीकेंट्स के लिए "डुप्लिकेट में" डॉक्यूमेंट जमा करने की पिछली जरूरत को हटा दिया है और इलेक्ट्रॉनिक OCI (e-OCI) शुरू किया है, जिसमें रजिस्टर्ड लोगों को अब या तो फिजिकल OCI कार्ड या इलेक्ट्रॉनिक OCI रजिस्ट्रेशन जारी किया जा सकता है. 

सरकार OCI होल्डर्स का अपना ऑफिशियल रजिस्टर भी डिजिटली बनाए रखेगी. 

4- अपील का नया सिस्टम

नए नियमों में उन लोगों के लिए भी उपाय किए गए हैं जो OCI या नागरिकता एप्लीकेशन के रिजेक्ट होने पर फैसले को चुनौती देना चाहते हैं. अब इस चुनौती को उस अथॉरिटी से "एक रैंक ऊपर" के अधिकारी द्वारा देखा जाएगा जिसने ओरिजिनल फैसला लिया था. 

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि नियमों में सुनवाई का अधिकार भी शामिल किया गया है, जिससे प्रभावित व्यक्ति को आखिरी फैसला होने से पहले रिवीजन या रिव्यू के सभी मामलों में अपना मामला पेश करने का सही मौका मिलेगा. 

5- बायोमेट्रिक डेटा का नया इस्तेमाल

इस नियम में कहा गया है कि नए नियम में OCI रजिस्ट्रेशन के दौरान इकट्ठा किए गए बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल भविष्य में इमिग्रेशन में मदद के लिए किया जाएगा. इसमें प्रावधान है कि, "एप्लिकेंट्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम के तहत रजिस्ट्रेशन के लिए या भविष्य में ऐसे प्रोग्राम के तहत ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन के लिए अपने बायोमेट्रिक डेटा के इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए सहमति देनी होगी."

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6-एयरपोर्ट इमिग्रेशन तेज होगा

नए कानून की बदौलत एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन तेज होगा. इसके लिए आवेदन फॉर्म में बदलाव किए गए हैं. कुछ पुराने कॉलम जैसे सीरियल नंबर-2 हटाया गया है. नए डिक्लेरेशन जोड़े गए हैं. डेटा शेयरिंग और ऑटो रजिस्ट्रेशन पर आवेदकों की सहमति की सहमति ली गई है. 

7- OCI डेटा रिकॉर्डिंग सिस्टम अपग्रेड

सरकार अब OCI रजिस्टर में Registration, Renunciation, Cancellation सभी रिकॉर्ड रखेगी. पूरा डेटा इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर में सुरक्षित रखा जाएगा. 

क्या है OCI स्कीम

भारत सरकार की OCI (Overseas Citizen of India) स्कीम उन विदेशी नागरिकों के लिए है जिनका मूल भारत से जुड़ा रहा है. यानी वे खुद, उनके माता-पिता या दादा-दादी कभी भारत के नागरिक रहे हो. OCI स्कीम को 2005 में सिटिज़नशिप एक्ट 1955 में बदलाव करके शुरू किया गया था. 

इस स्कीम में भारतीय मूल के लोगों को ओवरसीज़ सिटीज़न ऑफ़ इंडिया के तौर पर रजिस्टर करने का इंतज़ाम है, बशर्ते वे 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक हों, या उस तारीख को नागरिक बनने के लायक हों. 

हालांकि जो लोग पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक हैं या रहे हैं या जिनके माता-पिता, दादा-दादी या परदादा-परदादी वहां के नागरिक थे, वे इस सुविधा के हकदार नहीं हैं. 

दरअसल OCI एक तरह का 'लाइफटाइम वीजा' है लेकिन यह पूरी तरह से भारतीय नागरिकता नहीं है. इसे अक्सर 'ड्यूल सिटिजनशिप जैसा' कहा जाता है. हालांकि भारत आधिकारिक तौर पर दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) नहीं देता है. 

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OCI कार्ड के फायदे

ओसीआई कार्ड होल्डर को भारत आने-जाने के लिए लाइफटाइम मल्टीपल एंट्री वीजा मिली होती है. ऐसे व्यक्ति को बार बार वीजा अप्लाई करने की जरूरत नहीं होती है. 

भारत में किसी भी अवधि तक रहने की अनुमति होती है. 

आर्थिक, वित्तीय और शैक्षणिक मामलों में NRI के समान अधिकार होता है. 

संपत्ति खरीदने की अनुमति होती है लेकिन कृषि भूमि नहीं खरीद सकते हैं. 

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