जनगणना 2027 में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, पहले फेज में मकानों के सर्वे का नोटिफिकेशन जारी

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. नोटिफिकेशन में बताया गया कि कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे. इस चरण में पूछे जाने वाले 33 सवाल नागरिकों की बुनियादी जानकारी से जुड़े होंगे.

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केंद्र ने शुरू की जनगणना 2027 की प्रक्रिया (File Photo: PTI) केंद्र ने शुरू की जनगणना 2027 की प्रक्रिया (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:46 PM IST

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 को लेकर पहला औपचारिक कदम उठा लिया है. सरकार ने जनगणना के पहले चरण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके साथ ही देश में जनगणना की प्रक्रिया की तैयारियां शुरू हो गई हैं.

जनगणना का पहला चरण इसी साल शुरू होना है. एक अप्रैल से लेकर 30 सितंबर तक यह चरण चलेगा. देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्सरसाइज को किया जाएगा.

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सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि साल 2027 की जनगणना में जाति संबंधी आंकड़ों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एकत्रित किया जाएगा. यह कदम पहली बार है जब स्वतंत्र भारत में जातिगत डेटा को आधिकारिक जनगणना में शामिल किया जाएगा.

क्या हैं वो 33 सवाल जो पूछे जाएंगे?

  • भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
  • जनगणना मकान नंबर
  • जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  • जनगणना मकान के दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  • जनगणना मकान के छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
  • जनगणना मकान के उपयोग
  • जनगणना मकान की हालत
  • परिवार क्रमांक
  • परिवार में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
  • परिवार के मुखिया का नाम
  • परिवार के मुखिया का लिंग
  • क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है
  • मकान के स्वामित्व की स्थिति
  • परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
  • परिवार में रहने वाले विवाहित दम्पतियों की संख्या
  • पेयजल का मुख्य स्रोत
     

यह भी पढ़ें: जनगणना की आ गई तारीख, जानिए कब से शुरू होगी हाउस लिस्टिंग 

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  • पेयजल स्रोत की उपलब्धता
  • प्रकाश का मुख्य स्रोत
  • शौचालय की उपलब्धता
  • शौचालय का प्रकार
  • गंदे पानी की निकासी
  • स्नानघर की उपलब्धता
  • रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
  • खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
  • रेडियो/ट्रांजिस्टर
  • टेलीविजन
  • इंटरनेट सुविधा
  • लैपटॉप/कम्प्यूटर
  • टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्ट फोन
  • साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोoped
  • कार/जीप/वैन
  • परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
  • मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संप्रेषण के लिए)
     

2021 में क्यों नहीं हो पाई जनगणना?

भारत में 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण रुक गई थी. यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ जब समय पर जनगणना नहीं हो सकी. इससे पहले, चाहे दूसरे विश्व युद्ध का समय हो या चीन-पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध, भारत में जनगणना कभी रुकी नहीं थी. भारत की जनगणना एक जरूरी प्रक्रिया है जो देश के जनसांख्यिकीय, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए आधार प्रदान करती है.

भारत की पिछली जनगणना, 2011 की जनगणना, देश की 15वीं और स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद सातवीं जनगणना थी. यह 9 फरवरी से 28 फरवरी 2011 तक सम्पन्न हुई थी. उस जनगणना का प्रोन्नत नारा था "हमारी जनगणना, हमारा भविष्य," जो इस प्रक्रिया की महत्वपूर्णता को दर्शाता है. नई जनगणना भारत के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है. इसलिए, जनगणना के स्थगन से देश के कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय योजनाओं पर प्रभाव पड़ सकता है.

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