मोदी सरकार का फैसला, कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा का कार्यकाल एक साल बढ़ा

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने झारखंड कैडर के 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) राजीव गौबा को 30 अगस्त के बाद एक साल की अवधि के लिए कैबिनेट सचिव के रूप में सेवा विस्तार देने को मंजूरी दी है.

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कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (फाइल फोटो) कैबिनेट सचिव राजीव गौबा (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST
  • झारखंड कैडर के IAS हैं गौबा
  • झारखंड में मुख्य सचिव भी रहे राजीव गौबा

मोदी सरकार ने कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को एक साल के लिए सेवा विस्तार दिया है. कार्मिक मंत्रालय ने यह जानकारी दी. गौबा को 2019 में दो साल के लिए देश का शीर्ष नौकरशाह नियुक्त किया गया था. 

मंत्रालय द्वारा शनिवार रात जारी आदेश में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने झारखंड कैडर के 1982 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) गौबा को 30 अगस्त के बाद एक साल की अवधि के लिए कैबिनेट सचिव के रूप में सेवा विस्तार देने को मंजूरी दी है. 

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जम्मू कश्मीर पुनर्गठन में गौबा की अहम भूमिका

गौबा की जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम बनाने में अहम भूमिका मानी जाती है. इसके मुताबिक, जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाकर विशेष राज्य का दर्जा खत्म किया गया और जम्मू कश्मीर को दो केंद्रशासित राज्यों में विभाजित किया गया.

गौबा ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में सचिव और गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में भी काम किया है.  
 
पंजाब में हुआ गौबा का जन्म

गौबा का जन्म पंजाब में हुआ. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में स्नातक किया. उन्होंने 2016 में केंद्र सरकार में सेवा के लिए लौटने से पहले 15 महीने तक झारखंड में मुख्य सचिव के रूप में काम किया. उन्होंने 4 साल तक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बोर्ड में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. 

 

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