मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय हवाई किरायों में तेज बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में एयर टिकटों की कीमतें कई रूट्स पर तीन से चार गुना तक बढ़ गई हैं, जिससे आम लोगों के लिए यात्रा करना मुश्किल हो गया है.
गहलोत ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध और अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई किरायों में भारी उछाल आया है. इससे विदेशों में फंसे भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों और कामगारों को भारत लौटने में काफी परेशानी हो रही है.
अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर एयर टिकट 3–4 गुना तक महंगे
उन्होंने कहा कि सिर्फ विदेशों में फंसे भारतीय ही नहीं, बल्कि जो लोग भारत आ चुके हैं उन्हें भी अपने काम या पढ़ाई के लिए वापस लौटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बढ़े हुए किराए के कारण कई लोगों के लिए यात्रा करना आर्थिक रूप से मुश्किल हो गया है.
गहलोत ने कहा कि संकट की इस घड़ी में आम नागरिकों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े पिछले अनुभवों के आधार पर वह मानते हैं कि ऐसे समय में सरकार को हस्तक्षेप कर लोगों को राहत देनी चाहिए.
विदेशों में फंसे छात्रों-कामगारों को राहत देने के लिए केंद्र से अपील
उन्होंने केंद्र सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अपील की कि एयरलाइंस कंपनियों के साथ समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय हवाई किरायों पर तत्काल सीमा तय की जाए. उनका कहना था कि आपदा या संकट की स्थिति में एयरलाइंस कंपनियों को अत्यधिक मुनाफा कमाने की अनुमति देना जनहित में नहीं है.
गहलोत ने यह भी कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी भारतीय महंगे टिकटों के कारण अपने परिवार से दूर रहने या जरूरी काम से वंचित होने के लिए मजबूर न हो. उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द ही इस मामले में कदम उठाएगी और यात्रियों को राहत मिलेगी.
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