एअर इंडिया अब अपनी कैबिन क्रू को फिट रखने के लिए नई सख्त पॉलिसी लाने वाली है. इसमें अगर कोई क्रू मेंबर का वजन कम हो, ज्यादा हो या मोटापा हो, तो उसे ड्यूटी से हटा दिया जाएगा और सैलरी भी कट जाएगी. ये पॉलिसी हेल्थ और फिटनेस कंप्लायंस पर बेस्ड है, जो कंपनी जल्द लागू करने की प्लानिंग कर रही है.
सबसे पहले समझते हैं कि ये चेकिंग कैसे होगी. एअर इंडिया बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) के आधार पर क्रू का वजन मापेगी. बीएमआई क्या है? ये एक सिंपल तरीका है जो आपकी हाइट और वजन से ये बताता है कि आपका बॉडी फेट नॉर्मल है या नहीं. एयरलाइन के मुताबिक, बीएमआई 18 से 24.9 के बीच हो तो इसे 'नॉर्मल' और 'डिजायर्ड रेंज' माना जाएगा. यानी ये रेंज में रहो, तो कोई प्रॉब्लम नहीं.
अब अगर बीएमआई 18 से कम आया, तो उसे 'अंडरवेट' कहेंगे. लेकिन चिंता की बात नहीं है, ये पूरी तरह रिजेक्ट नहीं होगा. क्रू मेंबर को मेडिकल इवैल्यूएशन और फंक्शनल असेसमेंट क्लियर करना होगा. मतलब डॉक्टर चेक करेगा कि फिजिकली फिट हो या नहीं, काम करने लायक है या नहीं. अगर सब ठीक रहा, तो एयरलाइन इसे मंजूर कर लेगी.
ओवरवेट या ओबेसिटी का क्या? पॉलिसी में साफ कहा गया है कि ये दोनों कैटेगरी में आने वालों को सूची से हटाना होगा, यानी शेड्यूल से हटाना, और सैलरी कटेगी. एयरलाइन का कहना है कि कैबिन क्रू को हमेशा फिट रहना चाहिए, क्योंकि प्लेन में पैसेंजर्स की सेफ्टी और सर्विस पर उनका रोल बड़ा है. फिटनेस न होने से इमरजेंसी में प्रॉब्लम हो सकती है.
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पीटीआई को मिले पॉलिसी डॉक्यूमेंट से ये सारी डिटेल्स पता चली हैं. एअर इंडिया ने अभी ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया, लेकिन इंडस्ट्री में ये खबर तेजी से फैल रही है. क्रू यूनियंस की क्या राय है, ये देखना दिलचस्प होगा. क्या ये पॉलिसी लागू हुई तो क्रू मेंबर्स जिम जॉइन करने लगेंगे या कोर्ट जाएंगे? वक्त बताएगा.
कैबिन क्रू की फिटनेस हमेशा से एयरलाइंस का मुद्दा रहा है. खासकर लंबी फ्लाइट्स में थकान और हेल्थ इश्यूज से बचाव जरूरी है. एअर इंडिया, जो टाटा ग्रुप के पास है, अब इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स पर फोकस कर रही है.
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