नीतीश और तेजस्वी में कौन भारी, क्या है आरोग्य सेतु ऐप पर ताजा विवाद, सुनें 'आज का दिन'

अब चुनाव सिर्फ मैदान में नहीं कई और मोर्चों पर भी लड़े जाते हैं. उनमें से एक सबसे अहम है सोशल मीडिया. तो आज आपको बताएंगे बिहार चुनाव के दो दिग्गज चेहरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष तेजस्वी यादव एक दूसरे के मुकाबले कहां ठहरते हैं.

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तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार (फाइल फोटो) तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 8:17 AM IST

बिहार में पहले चरण के लिए कल उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में क़ैद हो गई. 16 ज़िलों की कुल 71 विधानसभा सीटों पर लगभग 54 फ़ीसदी मतदान हुआ. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि इस बार चुनाव में स्थिति बिल्कुल अलग रही. लोगों ने सभी आवश्यक निर्देशों का पालन करते हुए वोटिंग में हिस्सा लिया. जहां एक तरफ़ पहले चरण के लिए मतदान चल रहा था वहीं दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत तमाम नेता बाकी दो चरणों के लिए प्रचार में जुटे थे. लेकिन हम और आप बखूबी जानते हैं कि अब चुनाव सिर्फ मैदान में नहीं कई और मोर्चों पर भी लड़े जाते हैं. उनमें से एक सबसे अहम है सोशल मीडिया. तो आज आपको बताएंगे बिहार चुनाव के दो दिग्गज चेहरे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष तेजस्वी यादव एक दूसरे के मुकाबले कहां ठहरते हैं. हमारी डेटा इंटेलीजेंस यूनिट, यानि (DIU) के हमारे साथी हैं निखिल रामपाल. उन्होंने दोनों नेताओं का फ़ेसबुक प्रोफ़ाइल खंगाला और उनके पोस्ट की रीच और उस पर मिलने वाले रिएक्शन्स का कंपेरिज़न किया है.

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अब बात महाराष्ट्र की जहाँ हाल के दिनों में हमने सरकार और राज्यपाल के बीच कई विषयों पर खींचतान देखी. अबकी बार एनसीपी नेता शरद पवार ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की एक चिट्ठी के माध्यम से चुटकी ली है. दरअसल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने 'कॉफी टेबल बुक' नाम से एक किताब लिखी है. उन्होंने बतौर राज्यपाल एक साल के अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद ये किताब लिखी है. और इसी के बहाने अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने राज्यपाल पर निशाना साधा है और उनकी किताब पर व्यंग्य किया है.

कोरोना वायरस का ट्रेसिंग ऐप ' आरोग्य सेतु' शुरुआत से ही अपने डेटा प्राइवेसी को लेकर सवालों के घेरे में रहा है. इसे लेकर राहुल गांधी ने भी चिंता जताई थी. इन्हीं विवादों के बीच आरोग्य सेतु ऐप के बारे में जानकारी के लिए RTI भी फाइल की गयी थी। इस पर मंगलवार को केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission) ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) से जवाब मांगा था कि जब आरोग्य सेतु ऐप (Aarogya Setu App) के वेबसाइट पर उनका नाम है, तो फिर उनके पास ऐप के डिवेलपमेंट को लेकर को डिटेल क्यों नहीं है? आयोग ने इसे लेकर चीफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन अधिकारियों (CPIOs) नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), इंन्फॉरमेशन एंड टेक्नॉलजी मिनिस्ट्री को कारण बताओ नोटिस भेजा था. अब इस पर सरकार की तरफ से जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक आरोग्य सेतु ऐप सरकार ने कई प्राइवेट एजेंसियों और सॉफ्टवेयर एक्पसर्ट्स के साथ मिलकर बनाई है. ये आरोग्य सेतु किसने बनाया इसको लेकर पूरा विवाद क्या है और ये शुरू कहां से हुआ?

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ये सब जानेंगे इसके अलावा देश विदेश के अख़बारों से ख़बरें और आज के दिन की हिस्टॉरिलकल इम्पोर्टेंस भी बताएंगे, तो सुनिए 'आज का दिन' 'अमन गुप्ता' के साथ

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