भारत के खिलाफ सीमा पार से रची जा रही एक और बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) एक बार फिर 26/11 जैसे हमले को दोहराने की फिराक में है. हाल ही में सामने आए चौंकाने वाले वीडियो और सबूतों ने लश्कर की 'वॉटर फोर्स' और उसकी 'कसाब फैक्ट्री' की पोल खोल दी है. मुंबई हमलों में जिस तरह से आतंकियों ने समुद्र का रास्ता चुना था, उस तरह की ट्रेनिंग लश्कर अपने नए आतंकियों को दे रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन PMML का नेता हारिस डार आतंकियों की ट्रेनिंग का निरीक्षण करते हुए दिखाई दे रहा है. इस ट्रेनिंग मॉड्यूल में आतंकियों को स्कूबा डाइविंग, प्रोफेशनल स्विमिंग, हाई-स्पीड बोट हैंडलिंग और अंडरवॉटर ऑपरेशंस सिखाए जा रहे हैं. इसके अलावा सोशल मीडिया ऑपरेशंस की ट्रेनिंग दी जा रही है. यह ट्रेनिंग सीधे तौर पर समुद्री रास्ते से भारत पर हमले की तैयारी की ओर इशारा करती है.
135 युवकों की भर्ती और कमांडर का कबूलनामा
वीडियो के 2 मिनट 39 सेकेंड पर लश्कर के एक कमांडर का खुला कबूलनामा सबसे चौंकाने वाला है. कमांडर साफ तौर पर स्वीकार करता है कि लश्कर की 'वॉटर फोर्स' तैयार की जा रही है. वह कहता है कि PMML और लश्कर-ए-तैयबा के निर्देश पर तीन तहसीलों में कार्यक्रम चलाए गए और 135 युवकों को नाव चलाने और समुद्री ऑपरेशन की ट्रेनिंग दी गई. इतना ही नहीं, कमांडर यह भी मानता है कि भारतीय न्यूज चैनलों ने इस ट्रेनिंग को पकड़ लिया है, जिसके बाद अलग-अलग नैरेटिव चलाए जा रहे हैं.
सैफुल्लाह कसूरी ने भी दी गीदड़भभकी
इससे पहले लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद कसूरी भी समुद्र के रास्ते भारत पर हमले की खुली धमकी दे चुका है. मुरीदके में दिए एक भड़काऊ बयान में सैफुल्लाह ने कहा था, “2025 में हमने आसमान पर राज किया, 2026 में समंदरों पर भी करेंगे.” उसने 26/11 जैसे हमले की गीदड़भभकी देते हुए भारतीय नौसेना को भी चुनौती देने की कोशिश की थी.
विशेषज्ञों का मानना है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) को मिली करारी शिकस्त के बाद आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं. इसी हार का बदला लेने के लिए अब भारतीय नौसेना को चुनौती देने और समुद्री रास्ते से घुसपैठ करने की साजिश रची जा रही है.
अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
इन वीडियो और बयानों ने पाकिस्तान के उस संरक्षण को एक बार फिर बेनकाब कर दिया है जो वह आतंकी संगठनों को देता रहा है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इसे एक गंभीर समुद्री आतंकी खतरे (Maritime Terror Threat) के तौर पर देख रही हैं. खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, लश्कर इन ट्रेंड आतंकियों का उपयोग जम्मू-कश्मीर और भारत के तटीय शहरों में अशांति फैलाने के लिए कर सकता है.
अरविंद ओझा / सुबोध कुमार