संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन यानी बुधवार को गृह मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा है कि 2007 से अब तक 16 चीनी नागरिकों को भारत की नागरिकता दी गई है.
तिरुचि शिवा के सवाल पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जानकारी देते हुए कहा कि भारत शरणार्थियों की स्थिति और उसपर 1967 के प्रोटोकॉल से जुड़े 1951 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है. सभी विदेशी नागरिक जिनमें शरणार्थी भी शामिल हैं, विदेशी अधिनियम 1946, विदेशियों के पंजीकरण अधिनियम 1939, पासपोर्ट एक्ट 1920 और नागरिकता अधिनियम 1955 में निहित प्रावधानों द्वारा शासित होते हैं.
ऑनलाइन नागरिकता मॉड्यूल में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2007 से अब तक 16 चीनी नागरिकों को भारत की नागरिकता दी गई है. वहीं, भारतीय नागरिकता देने के लिए चीनी नागरिकों के 10 आवेदन अब भी लंबित हैं. उन्होंने यह भी बताया कि केवल राष्ट्रीयता के अनुसार ही डेटा मेंटेन किया जाता है, समुदाय के अनुसार डेटा मेंटेन नहीं किया जाता है.
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कमलजीत संधू