'जिसका बंदर वही नचाए...', वेटरनरी काउंसिल की मांग कर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने महाराष्ट्र एनिमल एंड फिशरीज साइंसेज यूनिवर्सिटी में पशु चिकित्सा क्षेत्र में एक स्वतंत्र वेटरनरी काउंसिल बनाने की वकालत की. उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े फैसले विशेषज्ञों के हाथ में होने चाहिए, ताकि क्षेत्र में सुधार और विकास हो सके.

Advertisement
RSS प्रमुख ने की अलग वेटरनरी काउंसिल बनाने की मांग. (Photo: PTI) RSS प्रमुख ने की अलग वेटरनरी काउंसिल बनाने की मांग. (Photo: PTI)

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 12 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऑटोनोमस (स्वतंत्र) और अलग वेटरनरी काउंसिल (Veterinary Council) की स्थापना की वकालत की. उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल से जुड़े फैसले पशु चिकित्सकों के हाथ में होने चाहिए.

आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को नागपुर में महाराष्ट्र एनिमल एंड फिशरीज साइंसेज यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए अलग वेटरनरी काउंसिल बनाने की वकालत की. उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के विशिष्ट कल्याण और विकास के लिए बागडोर पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों के हाथों में देना अनिवार्य है.

भागवत के अनुसार, जैसे खेल के क्षेत्र के लिए खिलाड़ियों की जरूरत होती है, वैसे ही पशुशास्त्र की बारीकियों को समझने के लिए संबंधित जानकारी रखने वालों का स्वतंत्र परिषद होना आवश्यक है.

Advertisement

'जानकारों को ही फैसला लेना का अधिकार'

उन्होंने अपनी बात को एक मुहावरे के जरिए समझाते हुए कहा कि 'जिसका बंदर वही नचाए'. उनका मानना है कि यदि किसी क्षेत्र को आगे बढ़ाना है तो उस विषय के जानकारों को ही निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पशुओं के बारे में गहन विचार करने के लिए पशु चिकित्सक और पशुशास्त्र की ही आवश्यकता है. हालांकि, इन विशेषज्ञों का सहयोग हर तरफ लिया जा सकता है, लेकिन बागडोर विशेषज्ञों के पास ही होनी चाहिए.

'एक्सपर्ट की देखरेख में उन्नति करता है क्षेत्र'

संघ प्रमुख ने स्पष्ट किया कि वह केवल एक पशु चिकित्सक होने के नाते ये बात नहीं कह रहे हैं, बल्कि उन्होंने अनुभव किया है कि जहां जानकारों के हाथ में कमान होती है, वह क्षेत्र उन्नति करता है.

उनके मुताबिक, पशु चिकित्सा क्षेत्र में सुधार और विशिष्ट नीतियों के निर्माण के लिए एक समर्पित काउंसिल समय की मांग है. इस मांग के जरिए उन्होंने पशु स्वास्थ्य और प्रबंधन के ढांचे को और अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने पर जोर दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement