'ये महाराष्ट्र का अपमान...', पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने से भड़की कांग्रेस और शरद गुट

महाराष्ट्र में अब पूर्व राज्यपाल कोश्यारी को पद्म भूषण को दिए जाने को लेकर बवाल मचा हुआ है. कांग्रेस और शरद पवार के गुट का कहना है कि ऐसा करने बीजेपी ने महाराष्ट्र का अपमान किया है. विपक्ष का आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए कई बार ऐसे फैसले लिए जो कि विवादित रहे.

Advertisement
पद्म भूषण सम्मान पर महाराष्ट्र में सियासी तूफान (Photo: ITG) पद्म भूषण सम्मान पर महाराष्ट्र में सियासी तूफान (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

महाराष्ट्र में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान दिए जाने को लेकर सियासी बवाल मचा है. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेताओं ने इस फैसले को महाराष्ट्र के सम्मान और भावनाओं के खिलाफ बताया है.

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कोश्यारी ने अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई और राज्य की जनता की भावनाओं को गहरा आहत किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद पुणे की एक सामाजिक संस्था से मिलने वाला सम्मान ठुकरा दिया था, क्योंकि वह सम्मान कोश्यारी के माध्यम से दिया जाना था.

Advertisement

मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि बीजेपी का इतिहास महाराष्ट्र के महान नेताओं और सामाजिक सुधारकों का अपमान करने से भरा हुआ है. उन्होंने कहा कि कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसे महान विभूतियों का अपमान किया है. ऐसे व्यक्ति को पद्म भूषण सम्मान देना महाराष्ट्र के लिए अपमानजनक है.

यह भी पढ़ें: धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण, अल्का याज्ञनिक और ममूटी को पद्म भूषण, 2026 का बड़ा ऐलान!

एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्तो ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कोश्यारी द्वारा बार-बार दिए गए विवादित बयान महाराष्ट्र के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं. उन्होंने इसे बीजेपी की सत्ता की अहंकारी मानसिकता बताया और कहा कि महाराष्ट्र की जनता इन अपमानों को किसी भी हालत में कभी नहीं भुलाएगी.

Advertisement

भगत सिंह कोश्यारी का राज्यपाल के रूप में कार्यकाल सितंबर 2019 से फरवरी 2023 तक था. इस दौरान उनके और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार के बीच कई बार टकराव हुए थे. उद्धव ठाकरे ने उनके हस्तक्षेप की आलोचना की थी और विधान परिषद की रिक्त सीटें न भरने पर सवाल उठाए थे.

विपक्षी दलों का मानना है कि विवादित रिकॉर्ड वाले कोश्यारी को पद्म भूषण सम्मान देना महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव के खिलाफ है और यह एक गलत संदेश है. इस फैसले ने राज्य में राजनीतिक बवाल मचा दिया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement