महाराष्ट्र में नागपुर के जरीपटका इलाके में मिली एक बोरे में बंद लाश ने शहर को सन्न कर दिया. पुल के नीचे पड़े उस बोरे के भीतर छिपी कहानी जब सामने आई, तो लोग हैरान रह गए.
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान झिंगाबाई टाकली निवासी राहुल सुनील साहू के रूप में हुई, जो सदर इलाके में ‘हैप्पी डे’ नाम से एक होटल चलाता था. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लगा, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, पूरी सच्चाई सामने आने लगी.
जांच में पता चला कि राहुल ने आरोपी नवीन पंजाबराव पुंडकर को कुछ समय पहले ब्याज पर पैसे दिए थे. पेशे से ई-रिक्शा चालक नवीन कोरोना काल के दौरान आर्थिक तंगी में था और उसने राहुल से कर्ज लिया था. आरोप है कि मूल रकम और ब्याज का बड़ा हिस्सा लौटाने के बावजूद राहुल उस पर 35 हजार रुपये और चुकाने का दबाव बना रहा था.
घटना वाले दिन राहुल पैसे लेने नवीन के घर पहुंचा. वहीं दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई. आरोप है कि विवाद के दौरान राहुल ने ऐसी आपत्तिजनक मांग कर दी कि नवीन आग बबूला हो गया. उसने कहा- पैसे नहीं दे सकते तो बेटी दे दो. इसपर भड़के नवीन ने पास पड़ी लोहे की रॉड उठा ली और उस पर हमला कर दिया. लगातार वार से राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई.
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की. उसने शव को बोरे में भरा, अपने ई-रिक्शा में लादा और देर रात नारा घाट पुल के नीचे ले जाकर फेंक दिया. कुछ स्थानीय लोगों ने जब बोरा देखा और उसमें शव होने की आशंका जताई, तो पुलिस को सूचना दी गई.
जरीपटका पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की. कॉल डिटेल और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
योगेश पांडे