नागपुर विस्फोट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है, जिससे पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है. इस मामले को लेकर काटोल विधानसभा क्षेत्र के विधायक चरणसिंह ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी कंपनी मालिक और संबंधित अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मामला दर्ज करने की मांग की है.
विधायक चरणसिंह ठाकुर विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, जहां उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं. उनके अनुसार मजदूरों को उचित प्रशिक्षण दिए बिना काम पर लगाया गया, जो एक बड़ी चूक है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की.
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करना चाहिए और जब तक एसओपी लागू नहीं होती, तब तक फैक्ट्री को दोबारा शुरू नहीं होने दिया जाना चाहिए.
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 75 लाख रुपये और घायलों को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे. साथ ही निरीक्षकों की नियुक्ति कर नियमित जांच व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई.
घायलों को 25 लाख मुआवजे की मांग
इस बीच प्रशासन ने मृतकों के शव परिजनों को सौंप दिए हैं. मृतकों में शोभा तापसे, वर्षा अमोल टेकाम, सुनीता सालामे, प्रेमदास बागड़े, गोपी कोये, मीना उइके, सविता कालमेघ, गायत्री शेंडे, संगीता पंचभाई, गणेश टोंगे, अनुसया पाटिल, प्रतिक्षा वाल्के, राजू कुदमाटे, सुनंदा चिचखेड़े और रंजना घाघरे शामिल हैं.
घटना के बाद नागपुर, जिसे ऑरेंज सिटी के नाम से जाना जाता है, में मातम पसरा हुआ है. प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है.
योगेश पांडे