मुंडवा जमीन घोटाला में पार्थ पवार को मिल सकती है 'क्लीन चिट', राज्यसभा चुनाव से पहले आ सकती है रिपोर्ट

महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे पार्थ पवार को मुंडवा जमीन घोटाले में बड़ी राहत मिलने के संकेत हैं. सूत्रों के मुताबिक, एक हाई लेवल कमेटी अपनी जांच के आखिरी दौर में है.

Advertisement
1800 करोड़ रुपए से जुड़ा है ज़मीन घोटाला (File Photo: ITG) 1800 करोड़ रुपए से जुड़ा है ज़मीन घोटाला (File Photo: ITG)

ऋत्विक भालेकर

  • मुंबई,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

पुणे के मुंधवा जमीन घोटाले में पार्थ पवार को राहत मिलने वाली है. राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खड़गे के नेतृत्व वाली एक उच्च स्तरीय समिति पार्थ पवार को पुणे के मुंधवा जमीन घोटाले में संलिप्तता के आरोपों से मुक्त करने की तैयारी कर रही है. जांच में पाया गया है कि लेन-देन के सभी दस्तावेजों से पार्थ पवार का नाम और हस्ताक्षर गायब हैं, जैसा कि पहले पुलिस चार्जशीट में भी देखा गया था. 

Advertisement

पुणे में 40 एकड़ 'महार वतन' भूमि की अवैध खरीद की यह जांच अब आखिरी चरण में पहुंच गई है. कमेटी की समय-सीमा 6 फरवरी को खत्म हो रही है, लेकिन नगर निगम चुनावों में अधिकारियों की व्यस्तता की वजह से आखिरी समीक्षा बैठक के लिए एक हफ्ते का विस्तार मिलने की उम्मीद है. 

इस रिपोर्ट के औपचारिक रूप से सरकार को सौंपे जाने के बाद ही पार्थ पवार को आधिकारिक तौर पर क्लीन चिट मिल पाएगी.

1800 करोड़ की जमीन और 300 करोड़ का खेल

जांच में मुंडवा जमीन के मूल्यांकन को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, जिस जमीन की असली कीमत करीब 1,800 करोड़ रुपये थी, उसे कथित तौर पर सिर्फ 300 करोड़ रुपये में खरीदा गया था. हालांकि, पार्थ पवार 'अमीडिया कंपनी' में पार्टनर हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में निदेशक दिग्विजय पाटिल, विक्रेता शीतल तेजवानी और रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'पार्थ पवार मिलने आए थे, वे...', शरद पवार ने बताया अजित पवार के पुत्र से क्या हुई बात

स्टाम्प ड्यूटी की वसूली और अधूरी डील

कमेटी ने घोटाले का खुलासा होने के बाद 'अमीडिया कंपनी' से 21 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी वसूली की सिफारिश की है. गौर करने वाली बात यह है कि घोटाले की खबर सामने आते ही कंपनी ने इस सौदे को रद्द करने की कोशिश की थी. फिलहाल, विकास खड़गे कमेटी की आखिरी मीटिंग के बाद ही इस रिपोर्ट को राज्य सरकार को आधिकारिक तौर पर सौंपा जाएगा, जिसके बाद ही आखिरी फैसला होगा.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement