महाराष्ट्र चुनाव: गांव-गांव में परिवारवाद की जीत, नेताओं के बेटे-बेटी और रिश्तेदार बने जिला परिषद सदस्य

महाराष्ट्र के जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में एक बार फिर राजनीतिक परिवारवाद का फैक्टर सामने आया है. पूर्व मंत्रियों, विधायकों और बड़े नेताओं के बेटे, बेटियां, पत्नियां, भतीजे और बहुएं भारी मतों से जीतकर उभरे हैं. चुनाव नतीजों ने दिखाया कि राज्य के ग्रामीण इलाकों में भी राजनीतिक विरासत का असर अब भी मजबूत बना हुआ है.

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महाराष्ट्र पंचायत चुनावों के नतीजे आ गए. (Photo: PTI) महाराष्ट्र पंचायत चुनावों के नतीजे आ गए. (Photo: PTI)

ओमकार

  • पुणे,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:51 AM IST

महाराष्ट्र के जिला परिषद (Zilla Parishad) और पंचायत समिति चुनावों में एक बार फिर राजनीतिक परिवारवाद केंद्र में नजर आया है. राज्य के अलग-अलग जिलों में बड़े नेताओं के बेटे, बेटियां, पत्नियां, भतीजे और अन्य रिश्तेदारों ने निर्णायक जीत दर्ज की है. स्थानीय निकाय चुनावों में यह साफ दिखा कि जमीनी स्तर पर भी राजनीतिक विरासत का असर अब भी कायम है.

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राज्य की 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के नतीजे घोषित किए गए, जिनमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. बीजेपी ने पूरे राज्य में कुल 225 सीटें जीतीं. इसके बाद अजित पवार गुट की एनसीपी को 165 सीटें, एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 162 सीटें मिलीं. कांग्रेस ने 55 सीटें, उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने 46 सीटें, जबकि शरद पवार गुट की एनसीपी को 21 सीटों पर जीत मिली.

पुणे

पुणे जिले के अंबेगांव में पूर्व मंत्री दिलीप वळसे-पाटील के भतीजे विवेक वळसे-पाटील ने पारगांव जरकवाड़ी समूह से 2,130 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की. वहीं, एनसीपी विधायक बापूसाहेब पठारे की बेटी रुपाली ज़ेंडे पठारे भी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर जीत हासिल करने में सफल रहीं.

सोलापुर

सोलापुर जिले में कई हाई-प्रोफाइल जीत देखने को मिली.पूर्व मंत्री तानाजी सावंत के भतीजे पृथ्वीराज सावंत ने माढा तालुका के मानेगांव समूह से बीजेपी टिकट पर 6,800 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की. बीजेपी विधायक राम सातपुते की पत्नी संस्कृति सातपुते ने दहीगांव से जीत हासिल की.

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सांगोला पंचायत समिति में पूर्व विधायक शाहाजीबापू पाटील की बहू विजयी रहीं. 

अक्कलकोट तालुका के चापलगांव से बीजेपी विधायक सचिन कल्याणशेट्टी की पत्नी शांभवी कल्याणशेट्टी जीतीं, जबकि उनके भाई सागर कल्याणशेट्टी भी चुनाव जीतने में सफल रहे. पूर्व मंत्री सिद्धाराम म्हेत्रे की बेटी शीतल म्हेत्रे और बेटे शिवराज म्हेत्रे दोनों ने जीत दर्ज की.

सांगली

सांगली जिले में रयत क्रांति संगठन के नेता और विधायक सदाभाऊ खोत की बहू मोहिनी खोत ने बागणी जिला परिषद सीट से जीत हासिल की. बीजेपी विधायक गोपिचंद पडळकर की भाभी माधवी पडळकर निंबावडे से निर्वाचित हुईं. बीजेपी विधायक सत्यजीत देशमुख की बेटी सैतेजस्वी ने जनसुराज्य पार्टी के टिकट पर जिला परिषद में प्रवेश किया. कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम के भतीजे ऋषिराज लाड ने कुंडल सीट पर जीत दर्ज की.

कोंकण

रत्नागिरी के गुहागर में उद्धव ठाकरे गुट के विधायक भास्कर जाधव के बेटे विक्रांत जाधव ने असगोली समूह से पहले ही राउंड से बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की. रायगढ़ में शिवसेना विधायक भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले विजयी रहे. वहीं, शिवसेना विधायक महेंद्र दलवी की पत्नी मानसी दलवी थाल सीट से दोबारा निर्वाचित हुईं.

छत्रपति संभाजीनगर, परभणी और सतारा

छत्रपति संभाजीनगर में विधायक अब्दुल सत्तार के बेटे अब्दुल आमेर ने अंभाई सीट से 3,400 से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत दर्ज की.

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हालांकि, सभी राजनीतिक परिवारों को सफलता नहीं मिली. परभणी में पूर्व मंत्री सुरेश वरपुडकर को बड़ा झटका लगा, जहां उनके बेटे, बेटी, बहू और भतीजे समेत पांच में से चार रिश्तेदार चुनाव हार गए. केवल उनके एक भतीजे अजीत वरपुडकर कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज कर पाए.

सतारा जिले में बीजेपी मंत्री जयकुमार गोरे को भी झटका लगा, जहां उनके भाई अरुण गोरे मान तालुका के कुकुदवाड़ समूह से एनसीपी उम्मीदवार अनिल देसाई से चुनाव हार गए.

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