BMC: स्पीकर राहुल नार्वेकर की वजह से 17 उम्मीदवार नहीं कर पाए नामांकन! चुनाव आयोग ने मांगा जवाब

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने बीएमसी से उन आरोपों पर रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के बड़े काफिले के कारण नामांकन केंद्र में अव्यवस्था फैली और आम आदमी पार्टी, रिपब्लिकन गवई गुट व एमएनएस समेत 17 से ज्यादा उम्मीदवार नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं कर सके.

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विपक्ष का आरोप है कि राहुल नार्वेकर के बड़े काफिले के कारण कई उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके. (File Photo: ITG) विपक्ष का आरोप है कि राहुल नार्वेकर के बड़े काफिले के कारण कई उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके. (File Photo: ITG)

विद्या

  • मुंबई,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:35 PM IST

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को निर्देश दिया कि वह उन आरोपों पर रिपोर्ट दे, जिनमें कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया है कि वे नगर निगम चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं कर पाए. आरोप है कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर अपने बड़े काफिले के साथ नामांकन केंद्र पहुंचे, जिससे रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में भारी भीड़ हो गई.

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क्या है पूरा मामला?

आम आदमी पार्टी, रिपब्लिकन गवई गुट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के उम्मीदवारों का कहना है कि राहुल नार्वेकर बहुत ज्यादा लोगों के साथ नामांकन केंद्र में दाखिल हुए. इससे अव्यवस्था फैली और कई उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का मौका नहीं मिला. उम्मीदवारों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस और चुनाव अधिकारियों ने उन्हें गुमराह किया.

राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, भाभी हर्षिता नार्वेकर और चचेरी बहन गौरवी नार्वेकर मुंबई नगर निगम चुनाव लड़ रहे हैं. जब आजतक ने राहुल नार्वेकर से इन आरोपों पर बात करने की कोशिश की, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.

17 से ज्यादा उम्मीदवार नहीं कर सके नॉमिनेशन

आम आदमी पार्टी की प्रीति शर्मा मेमन ने आरोप लगाया कि राहुल नार्वेकर के इशारे पर रिटर्निंग ऑफिसर ने भारतीय जनता पार्टी के दबाव में काम किया और तय प्रक्रिया का खुलेआम उल्लंघन किया. उन्होंने कहा कि नार्वेकर के रिटर्निंग ऑफिसर के पास जाने के बाद, वहां पहले से मौजूद उम्मीदवारों को भी नामांकन दाखिल करने से रोक दिया गया. उनके मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज से इसकी पुष्टि हो सकती है और 17 से ज्यादा उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर सके.

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चुनाव आयोग से समयसीमा बढ़ाने की मांग

पूर्व सांसद और विधायक हरिभाऊ राठौड़ समेत 12 उम्मीदवारों ने भी निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि उनकी नामांकन प्रक्रिया को 30 दिसंबर की तय समयसीमा के बाद भी स्वीकार किया जाए. आम आदमी पार्टी की प्रोफेसर मार्गरेट डी’कोस्टा ने कहा कि 30 दिसंबर को शाम पांच बजे की समयसीमा के तीन मिनट बाद उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में प्रवेश से रोक दिया गया. उनका आरोप है कि यह नार्वेकर के लोगों की भीड़ के कारण हुआ. पार्टी के प्रवक्ता रुबेन मस्करेंस ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को अंत तक ले जाएगी.

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के बाबन महाडिक ने कहा कि वे अपने तय मुहूर्त पर नामांकन केंद्र पहुंचे थे, फिर भी नामांकन दाखिल नहीं कर सके. उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर और पुलिस पर किसी तरह का दबाव था. उनके मुताबिक, यह मामला लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है.

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