महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को सेवानिवृत्त होने जा रहे मुख्य सचिव अजोय मेहता को अपना प्रधान सलाहकार नियुक्त कर लिया है. इस तरह से रिटायर होने के साथ ही कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की साझा सरकार में मेहता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए पेचीदा मसलों पर मदद करने का काम करेंगे. वहीं, सीएम उद्धव ने 1984 बैच के आईएएस अधिकारी संजय कुमार को अगला मुख्य सचिव बनाने का फैसला पहले ही कर कर लिया है.
कोरोना संकट के बाद केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार और राज्य में बीजेपी के तीखे विपक्षी तेवरों का सामना करना उद्धव ठाकरे लिए आसान नहीं माना जा रहा है. इतना ही नहीं कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन के साथ सरकार चलाना भी उद्धव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. ऐसे में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 1984 बैच के आईएएस अजोय मेहता को सलाहकार नियुक्त किया है.
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दरअसल अजोय मेहता ऐसे अधिकारी रहे हैं, जिनके पास मुंबई से लेकर दिल्ली तक और बीजेपी से लेकर कांग्रेस-एनसीपी तक के साथ काम करने का एक लंबा अनुभव है. शिवसेना-बीजेपी सरकार में वह तत्कालीन उपमुख्यमंत्री गोपीनाथ मुंडे के सचिव थे. इसके अलावा प्रमोद महाजन केंद्र की वाजपेयी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बने तो मेहता को दिल्ली ले गए थे. इसके अलावा कांग्रेस-एनसीपी की जब महाराष्ट्र सरकार थी तो मेहता ऊर्जा विभाग में सचिव थे और मंत्रालय की जिम्मेदारी अजीत पवार के पास था. इस तरह से एनसीपी के साथ भी काम करने का अनुभव है.
अजोय मेहता ने तीन साल तक बीएमसी आयुक्त पद की जिम्मेदारी संभाली थी. बीएमसी में अजोय मेहता को देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना पर नजर रखने के लिए नियुक्त किया था. मेहता ने तीन साल तक फडणवीस को संतुष्ट रखा बल्कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को भी शिकायत का मौका नहीं दिया. फडणवीस ने बीएमसी आयुक्त रहे मेहता को ही राज्य का अगला मुख्य सचिव बनाया था.
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मेहता का कार्यकाल पिछले साल 30 सितंबर को ही समाप्त हो रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण उनका कार्यकाल 30 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया. इस बार कार्यकाल पूरा होने का समय आया तो कोरोना संकट खड़ा हो गाया, जिसके चलते तीन महीने का सेवा विस्तार उन्हें मिल गया था.
इस तरह से मंगलवार को यानी 30 जून को उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है. ऐसे मे में उद्धव ठाकरे ने उन्हें सेवा विस्तार देने के बजाय अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त कर लिया है. इस तरह से अब वो उद्धव ठाकरे के लिए पेचीदा मामलों को सुलझाने का काम करेंगे.
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