इकबाल मिर्ची मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बड़ी सफलता मिली है. ED ने सोमवार को दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के प्रमोटर धीरज वधावन के भाई कपिल वधावन को गिरफ्तार कर लिया. DHFL एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है और कपिल वधावन इसके मुख्य प्रबंध निदेशक हैं. ईडी ने कपिल वधावन की 7 दिन की कस्टडी मांगी है.
हाल में ED ने तस्कर इकबाल मिर्ची से संबंधों को लेकर को तलब किया था. इस दौरान उनसे पूछताछ की गई थी. बताया जा रहा है कि कपिल वधावन ने सौदों से संबंधित कुछ दस्तावेज जमा कराए थे.
डीएचएफएल से जुड़ी कंपनियों और इसके अधिकारी जांच के घेरे में हैं. धीरज वधावन जो कपिल वधावन के भाई हैं और डीएचएफएल के गैर-कार्यकारी निदेशक हैं, उनका नाम भी मुंबई के वर्ली में इकबाल मिर्ची की संपत्तियों के सौदों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए कुछ अभियुक्तों ने लिए हैं. बता दें, गिरफ्तार आरोपी हुमायूं मर्चेंट और रणजीत सिंह बिंद्रा से पूछताछ के दौरान धीरज वधावन का नाम सामने आया था.
इकबाल मिर्ची के करीबी सहयोगी हुमायूं ने एक स्पेशल कोर्ट को बताया था कि उसने Sunblink Real Estate के साथ एक डील कराने के एवज में से 5 करोड़ रुपये लिए थे. ED एनबीएफसी की ओर से 2186 करोड़ रुपये का लोन Sunblink Real Estate को दिए जाने की जांच कर रही है.
दूसरी ओर फंडिंग पर शिकंजा कसते हुए ईडी ने दिसंबर महीने में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम कासकर के करीबी सहयोगी दिवंगत इकबाल मिर्ची और उसके परिवार के सदस्यों द्वारा अर्जित सात संपत्तियों को जब्त किया, जिसका मूल्य 600 करोड़ रुपये है. ईडी की यह कार्रवाई वित्तीय जांच एजेंसी की ओर से मुंबई के पीएमएलए (धनशोधन रोकथाम अधिनियम) कोर्ट में मिर्ची और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच में आरोप पत्र दायर करने के बाद की गई.
दिव्येश सिंह