मुंबई में 'देवा' वाली जंग! उद्धव के बयान पर फडणवीस बोले- मेयर तो महायुति का ही होगा, शिंदे संग लेंगे फैसला

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के “देवा” बयान पर कहा कि मेयर का चुनाव महायुति के पक्ष से होगा और इस पर कोई विवाद नहीं है. BMC चुनाव में BJP और शिंदे गुट की शिवसेना ने 118 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना 65 सीटों पर सिमटी. कांग्रेस और अन्य पार्टियों का प्रदर्शन कमजोर रहा. फडणवीस ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ चुनावों में BJP की जीत को जनता का भरोसा बताते हुए कहा कि लोग अजित पवार को नहीं, बल्कि मोदी और BJP के नेतृत्व को स्वीकार कर रहे हैं.

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देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेयर पर कोई विवाद नहीं है. (Photo: ITG) देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मेयर पर कोई विवाद नहीं है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 17 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:39 PM IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "देवा" शब्द से वे भ्रमित हैं. उद्धव ने कहा था कि अगर देवा चाहे तो मुंबई का मेयर उनके पक्ष से होगा. इस पर फडणवीस ने कहा, "देवा का मतलब क्या है? मैं या भगवान? क्योंकि मुझे भी 'देवा भाऊ' कहा जाता है. यह वास्तव में भगवान की इच्छा है कि मेयर महायुति के पक्ष से होगा."

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सीएम ने आगे कहा कि मेयर कौन बनेगा, कब चुना जाएगा, कहां निर्णय होगा और कितने साल के लिए ये पद संभालेगा ये फैसले मेरे, एकनाथ शिंदे और हमारे पार्टी नेताओं के संयुक्त नेतृत्व में लिए जाएंगे. फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई विवाद नहीं है. इस बयान के साथ मुख्यमंत्री ने यह साफ कर दिया कि मुंबई मेयर के चुनाव में महायुति का पक्ष मजबूत और एकजुट है.

मुंबई नगर निगम का रिजल्ट?
चुनावों के सभी 227 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं और शहर की सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. करीब 25 साल तक ठाकरे परिवार के लिए मजबूत गढ़ मानी जाने वाली BMC में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरते हुए नया रिकॉर्ड बनाया. BJP और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने मिलकर कुल 118 सीटें जीतीं, जबकि BMC में बहुमत के लिए 114 सीटें जरूरी थीं. बीजेपी ने पिछले चुनावों में 82 सीटों पर सीमित रहते हुए यह बार खुद का रिकॉर्ड तोड़ा और कुल 89 वार्डों में जीत दर्ज की. इन विजयी उम्मीदवारों को कुल 11,79,273 वोट मिले, जो विजेताओं के वोट का 45.22 प्रतिशत और कुल मतदान का 21.58 प्रतिशत है.

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उद्धव ठाकरे की शिवसेना दूसरे स्थान पर
उद्धव ठाकरे की शिवसेना इस बार दूसरे स्थान पर रही. उन्हें कुल 65 सीटें मिलीं और उनके उम्मीदवारों को 7,17,736 वोट मिले. विजयी उम्मीदवारों का वोट प्रतिशत 27.52 प्रतिशत और कुल मतदान में हिस्सा 13.13 प्रतिशत रहा. हालांकि पार्टी दूसरे नंबर पर रही, लेकिन BMC की सत्ता से दूर हो गई.

एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना का रिजल्ट
एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की. उनके विजेताओं को 2,73,326 वोट मिले, विजयी उम्मीदवारों का वोट प्रतिशत 10.48 प्रतिशत और कुल मतदान में हिस्सेदारी 5 प्रतिशत रही. BJP-शिंदे गठबंधन ने मिलकर 118 सीटें हासिल कीं, जो बहुमत से चार सीटें अधिक हैं.

कांग्रेस रही कमजोर
कांग्रेस इस बार कमजोर रही और केवल 24 सीटों पर सिमटी. कुल वोट संख्या 2,42,646 रही और विजेताओं का वोट प्रतिशत 9.31 प्रतिशत रहा. कांग्रेस ने कुछ इलाकों में वंचित बहुजन अघाड़ी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा, लेकिन शहरी क्षेत्रों में उसका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा.

अन्य पार्टियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
AIMIM: 8 सीटें, 68,072 वोट (2.61%)
MNS: 6 सीटें, 74,946 वोट (2.87%)
NCP (अजित पवार गुट): 3 सीटें, 24,691 वोट (0.95%)
NCP (शरद पवार गुट): 1 सीट, 11,760 वोट
समाजवादी पार्टी: 2 सीटें, 15,162 वोट

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जनता ने अजित दादा को नहीं ठुकराया: देवेंद्र फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में BJP की शानदार जीत के बाद कहा कि जनता ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार (अजित दादा) को नहीं ठुकराया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के नेतृत्व को स्वीकार किया है. फडणवीस ने पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "पुणे के लोग ही हमारे दादा हैं, हम उनके सेवक हैं." उन्होंने नागरिकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुणे और PCMC चुनावों में BJP को मिली जीत उनके लिए एक जिम्मेदारी भी बनाती है.

फडणवीस ने कहा, "लोगों ने BJP की विकास और शासन की दृष्टि तथा पीएम मोदी के नेतृत्व में विश्वास जताया है. हमें जनता ने जो भरोसा दिया है, उसे बनाए रखने के लिए और मेहनत करनी होगी. मेयर चुनने के तुरंत बाद हम जो विज़न जनता के सामने रखा था, उसे वास्तविकता में बदलेंगे." उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम ने पुणे और PCMC में चल रही अटकलों और कथाओं का अंत कर दिया है और लोगों की उम्मीदों से भी बढ़कर है.

गौरतलब है कि शनिवार को अजित पवार मुंबई में आयोजित कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए. फडणवीस ने बताया कि उन्होंने मतदान वाले दिन अजित पवार से मुलाकात की थी और उन्होंने बैठक में भाग न लेने की जानकारी दी थी.

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