महाराष्ट्र के बदलापुर में भारतीय जनता पार्टी का एक विवादित फैसला अब सियासी तूफान का कारण बन गया है. बहुचर्चित बाल यौन शोषण मामले के सहआरोपी रहे तुषार आपटे को मनोनीत नगरसेवक बनाए जाने के बाद शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला. आम नागरिकों से लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बीजेपी के इस फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.
अगस्त 2024 में बदलापुर के एक नामी स्कूल में दो मासूम बच्चियों के साथ यौन शोषण की गंभीर घटना सामने आई थी. इस मामले में स्कूल का सफाई कर्मचारी अक्षय शिंदे मुख्य आरोपी था, जिसकी बाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी. जांच के दौरान सामने आया कि यौन शोषण की जानकारी दबाने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई थी.
सिर्फ 48 घंटों में छूट गए थे तुषार आपटे
इसी मामले में स्कूल के अध्यक्ष उदय कोतवाल और सचिव तुषार आपटे के खिलाफ पोक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था. मामला दर्ज होते ही दोनों आरोपी फरार हो गए थे, जिन्हें करीब 40 दिनों के बाद ठाणे क्राइम ब्रांच ने कर्जत स्थित एक फार्महाउस से गिरफ्तार किया था. हालांकि तुषार आपटे को मात्र 48 घंटों में जमानत मिल गई थी. फिलहाल यह मामला कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय में विचाराधीन है.
पांच मनोनीत नगरसेवकों में एक नाम तुषार आपटे
अब शुक्रवार को कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद की पहली सर्वसाधारण सभा में पांच मनोनीत नगरसेवकों के नाम घोषित किए गए. इनमें बीजेपी की ओर से तुषार आपटे को मनोनीत किए जाने की खबर सामने आते ही शहर में विरोध भड़क उठा. सूत्रों के मुताबिक, नगर परिषद चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों को जीत दिलाने में तुषार आपटे की अहम भूमिका रही थी, जिसके चलते उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा थी.
एक गंभीर आपराधिक मामले के सहआरोपी को नगरसेवक बनाए जाने के फैसले पर बीजेपी की कड़ी आलोचना हुई. बढ़ते दबाव और विरोध के बीच आखिरकार तुषार आपटे ने मनोनीत नगरसेवक पद से इस्तीफा दे दिया है.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने दिया इस्तीफे का आदेश
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के आदेश के बाद तुषार आपटे ने यह फैसला लिया. तुषार आपटे ने कहा कि पार्टी और स्कूल की छवि को नुकसान न पहुंचे इसलिए वह स्वीकृत नगरसेवक पद से इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उन्होंने बदलापुर नगर परिषद के मुख्य अधिकारी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बाद बदलापुर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और बीजेपी के फैसलों पर भी सवाल उठ रहे हैं.
सुप्रिया सुले ने साधा निशाना
एनसीपी शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि 'बदलापुर बाल यौन उत्पीड़न मामले के आरोपी को मनोनीत नगरसेवक बनाकर बीजेपी ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकताएं क्या हैं. बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. लेकिन पॉक्सो कानून के तहत आरोपी व्यक्ति को मनोनीत नगरसेवक बनाकर बीजेपी ने असंवेदनशीलता की सारी हदें पार कर दी हैं. हम इसका कड़े शब्दों में विरोध करते हैं.'
मिथिलेश गुप्ता