AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर BJP और NDA से किसी भी तरह के राजनीतिक सहयोग की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या AIMIM मुंबई के मेयर चुनाव में BJP को समर्थन देगी, तो ओवैसी ने दो टूक कहा कि "इस तरह का सवाल ही पैदा नहीं होता."
ओवैसी ने महाराष्ट्र के अकोट नगर निकाय का हवाला देते हुए कहा कि AIMIM के टिकट पर चुने गए पांच पार्षदों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर BJP समर्थित उम्मीदवार को समर्थन दिया, जो गंभीर अनुशासनहीनता है.
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ओवैसी ने बताया कि इस मामले में पहले ही शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था और व्यक्तिगत रूप से अमरावती में मुलाकात के दौरान पार्षदों को स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि किसी भी तरह का नीतिगत फैसला पार्टी ही लेगी, न कि व्यक्तिगत प्रतिनिधि. इसके बावजूद गलती होने पर AIMIM के राज्य अध्यक्ष ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित पार्षदों को निलंबित कर दिया.
AIMIM BJP या NDA के साथ नहीं जा सकती
ओवैसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AIMIM BJP या NDA के साथ किसी भी परिस्थिति में नहीं जा सकती. उन्होंने पार्टी के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे किसी भी प्रकार का स्वतंत्र या व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय न लें.
इसके साथ ही AIMIM प्रमुख ने BJP पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि BJP शासित राज्यों में गौ रक्षकों को खुली छूट दी जा रही है. ओडिशा में हाल ही में हुई एक कथित गौ रक्षक हिंसा का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि ऐसी घटनाएं हिंसा और हत्याओं को बढ़ावा दे रही हैं. उन्होंने मध्य प्रदेश में एक प्रस्तावित स्कूल को बुलडोजर से गिराए जाने की घटना की भी निंदा की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई केवल BJP सरकारों में ही देखने को मिलती है.
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AIMIM को मिले जनादेश पर सवाल उठाना गलत- ओवैसी
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने पार्टी कार्यकर्ताओं, उम्मीदवारों, मतदाताओं और AIMIM महाराष्ट्र अध्यक्ष इम्तियाज जलील का आभार जताया. उन्होंने कहा कि AIMIM को मिले जनादेश पर सवाल उठाना जनता के फैसले का अपमान है.
पश्चिमी महाराष्ट्र में प्रचार न कर पाने पर निराशा जताते हुए ओवैसी ने दावा किया कि अगर वहां कैंपेन का मौका मिलता तो AIMIM और बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी. वहीं ठाकरे परिवार के विवाद पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनका फोकस दूसरों की राजनीति नहीं, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों पर है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे के उम्मीदवार ने उस वार्ड से जीत दर्ज की, जहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे रहते हैं.
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