महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए आकस्मिक निधन से पूरे देश में शोक की लहर है. इस दुखद घड़ी में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे राज्य के लिए काला दिन करार दिया है. फडणवीस और शिंदे ने पवार के निधन को एक व्यक्तिगत और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया है.
एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अजित पवार के जाने से उन्होंने अपना बड़ा भाई खो दिया है. शिंदे ने कहा, “यह बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. यह सिर्फ पवार परिवार का नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र का नुकसान है. मुझे ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैंने अपने बड़े भाई को खो दिया हो.” उन्होंने इस दिन को महाराष्ट्र के लिए काला दिन करार दिया.
शिंदे ने भरोसा दिलाया कि विमान हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि अजित पवार के साथ उनका रिश्ता सिर्फ कैबिनेट सहयोगी तक सीमित नहीं था. अजित पवार निडर, स्पष्टवादी और प्रशासन पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता थे. शिंदे ने याद किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब अजित पवार उनके उपमुख्यमंत्री थे और दोनों ने कठिन परिस्थितियों में मिलकर सरकार चलाई.
हम तीनों एक टीम की तरह काम करते थे: शिंदे
उन्होंने बताया कि वित्त मंत्री के रूप में अजित पवार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखते हुए विकास कार्यों को कभी रुकने नहीं दिया. ‘लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए शिंदे ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए आवश्यक वित्तीय प्रबंधन अजित पवार ने बेहद व्यावहारिक सोच के साथ किया. हम तीनों मैं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार एक टीम की तरह काम करते थे.
मैंने अपने साहसी दोस्त को खो दिया: फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा, “दादा अब नहीं रहे. यह बेहद चौंकाने वाली और दिल तोड़ने वाली खबर है. मैं सुन्न हूं, मेरे पास शब्द नहीं हैं.” फडणवीस ने अजित पवार को जननेता बताया, जिनका लोगों से गहरा जुड़ाव था.
फडणवीस ने लिखा कि उन्होंने एक साहसी, बड़े दिल वाले दोस्त को खो दिया है और यह उनके लिए निजी तौर पर अपूरणीय क्षति है. उन्होंने अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार और एनसीपी परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई. साथ ही, हादसे में जान गंवाने वाले अन्य चार लोगों के परिवारों के प्रति भी शोक व्यक्त किया. मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वे बारामती जाएंगे.
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