MP: CM शिवराज को कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने भेजा 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस

सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो फैसला आया, उसके बाद से ही भाजपा नेता विवेक तन्खा और कांग्रेस पर हमलावर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी है.

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मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो) मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)

रवीश पाल सिंह

  • भोपाल ,
  • 19 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST
  • ये जानकारी खुद विवेक तन्खा ने ट्वीट करके दी
  • MP में OBC आरक्षण को लेकर छिड़ी जंग

मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर छिड़ी जंग के बीच अब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और मंत्री भूपेंद्र सिंह को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है.

रविवार शाम विवेक तन्खा ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और लिखा कि मैंने अधिवक्ता शशांक शेखर के द्वारा 10 करोड़ का मानहानि, अन्य सिविल, क्रिमनल कार्यवाही का नोटिस शिवराज सिंह, विष्णुदत्त शर्मा, भूपेंद्र सिंह को भेजा है. यदि तीन दिनों में ये स्थिति स्पष्ट नहीं करते तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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मेने अधिवक्ता शशांक शेखरजी के द्वारा10करोड़ का मानहानि,अन्य सिविल, क्रिमनल कार्यवाही का नोटिस श्री शिवराजसिंह,श्री विष्णुदत्त शर्मा,श्री भूपेंद्रसिंह को भेजा है। यदि3दिवस में ये स्थिति स्पष्ट नही करते तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जावेगी।

— Vivek Tankha (@VTankha)

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर जो फैसला आया उसके बाद से ही भाजपा नेता विवेक तन्खा और कांग्रेस पर हमलावर हैं और ओबीसी आरक्षण पर रोक के लिए विवेक तन्खा और कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं.

इसके बाद ही तन्खा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और नगरीय आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह को 10 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा है और तीन दिन में माफी मांगने को कहा है.

विवेक तन्खा के वकील ने अपने नोटिस में कहा है कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े आरोपों की वजह से विवेक तन्खा की प्रोफेशनल और सामाजिक छवि पर असर पड़ा है. नोटिस में यह भी लिखा गया है कि नेताओं से जो राशि वसूली जाएगी, उसे मध्य प्रदेश के लोगों की बेहतरी में इस्तेमाल किया जाएगा.  

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बता दें कि मध्य प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में होने वाले पंचायत चुनावों में 2014 के आरक्षण रोस्टर को लेकर विवेक तन्खा ने जबलपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था. इसके बाद तन्खा सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी है. 

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