MP: वेतन न मिलने से टीचर परेशान, CM कमलनाथ को रोज लिखेंगे 5000 चिट्ठियां

मध्य प्रदेश में सरकारी कॉलेजों के अध्यापकों को वक्त से वेतन ना मिलने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब इन अध्यापकों ने वेतन समय पर मिलने की मांग के साथ 21 नवंबर से हर दिन मुख्यमंत्री कमलनाथ को 5,000 से ज़्यादा चिट्ठियां लिखने का फैसला किया है.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो-PTI)
aajtak.in
  • भोपाल,
  • 19 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:30 PM IST

  • एक साल से सत्ता में होने के बाद भी वित्तीय हालत खस्ता
  • कांग्रेस ने बीजेपी की पिछली सरकार पर फोड़ रही ठीकरा

मध्य प्रदेश में सरकारी कॉलेजों के अध्यापकों को वक्त से वेतन ना मिलने की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अब इन अध्यापकों ने वेतन समय पर मिलने की मांग के साथ 21 नवंबर से हर दिन मुख्यमंत्री कमलनाथ को 5,000 से ज़्यादा चिट्ठियां लिखने का फैसला किया है.

सरकारी कॉलेजों के अध्यापकों को अभी तक अक्टूबर का वेतन नहीं मिला है. अध्यापकों का कहना है कि चिट्ठियां भेजना उनके तीन स्तरीय विरोध प्रदर्शन का पहला हिस्सा है.

सरकारी कॉलेज अध्यापक संघ के सचिव आनंद शर्मा ने इंडिया टुडे को बताया, “दूसरे दौर में अध्यापक 24 नवंबर से 30 नवंबर तक काली पट्टी बांधेंगे. इसके बाद 1 दिसंबर से मौन विरोध शुरू किया जाएगा.”

राज्य सरकार ने सोमवार को पहले इस तरह का कोई मुद्दा होने से इनकार किया जब जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि किसी भी अध्यापक ने अपनी समस्या को लेकर सरकार से संपर्क नहीं किया है. हालांकि सोमवार शाम को राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेज अध्यापकों को संदेश भेज कर कहा कि अक्टूबर का वेतन तत्काल प्रभाव से रिलीज कर दिया गया है. 

विरोध प्रदर्शन जारी

वहीं, अध्यापकों ने वेतन समस्या के स्थाई समाधान के लिए अपने तीन स्तरीय विरोध प्रदर्शन को जारी रखने का फैसला किया है.  

पी.सी. शर्मा ने कहा, “समय पर वेतन का भुगतान नहीं होने का मुद्दा करीब छह महीने पहले शुरू हुआ. कुछ अध्यापकों को दो महीने में एक बार वेतन मिल रहा है. अक्टूबर का वेतन अभी तक नहीं मिला जबकि मुख्यमंत्री ने इसे दीवाली से पहले रिलीज होने का भरोसा दिया था. इसके अलावा हमारे एरियर्स का भुगतान भी नहीं किया गया है इसलिए हमने अपने चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन पर टिके रहने का फैसला किया है.”

बीजेपी सरकार पर फोड़ रहे ठीकरा

कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार अपनी कई वित्तीय प्रतिबद्धताओं का पालन करने में सफल नहीं रही है. इसके लिए राज्य की कमजोर वित्तीय हालत जिम्मेदार है. कांग्रेस को राज्य की सत्ता में आए करीब एक साल हो गया है लेकिन वो वित्तीय खस्ता हालत के लिए अब भी पिछली बीजेपी सरकार को दोष देती है.

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री पी सी शर्मा ने कहा, “पिछली बीजेपी सरकार ने लुटेरों की तरह काम किया जो जाने से पहले सब कुछ नष्ट कर देते हैं. वो सिर्फ प्रचार में दिलचस्पी रखते थे. इसके अलावा केंद्रीय बैंक भी हमारे बकायों का भुगतान नहीं हो रहा.”

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