झारखंड में HIV संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है. अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि मुख्य न्यायमूर्ति त्रिलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा, 'बगैर लाइसेंस के कैसे ब्लड बैंक चल रहा है और अगर रन भी कर रहा है तो 2 साल से रिन्यूअल क्यों नहीं हुआ है?'