झारखंड के बोकारो जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने दो साल से लापता एक युवक की तलाश को एक दर्दनाक अंजाम तक पहुंचा दिया. परिवार की उम्मीदें जहां अब भी जिंदा थीं, वहीं पुलिस की खुदाई में सामने आए कंकाल ने उस इंतजार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया. यह मामला न सिर्फ एक हत्या की कहानी बयां करता है, बल्कि दोस्ती के रिश्ते पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.
पुलिस के अनुसार, चिरा चास थाना क्षेत्र के भर्रा कब्रिस्तान में सोमवार को खुदाई के दौरान एक मानव कंकाल बरामद किया गया. इसमें खोपड़ी, कुछ हड्डियां और कपड़े शामिल थे. प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ये अवशेष 32 वर्षीय खालिद अंसारी के हैं, जो जून 2022 से लापता था.
इस मामले में पुलिस ने खालिद के दो करीबी दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. पूछताछ के दौरान आरोपियों- मोहम्मद अलाउद्दीन उर्फ गुड्डू और श्यामुद्दीन ने हत्या की बात कबूल कर ली. पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पैसों और एक महिला को लेकर हुए विवाद के बाद खालिद के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी थी. इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को कब्रिस्तान में दफना दिया था.
गौरतलब है कि 16 जून 2022 को खालिद के पिता नूर मोहम्मद अंसारी ने चिरा चास थाने में बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी. तब से पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था.
हाल ही में संदेह के आधार पर जब पुलिस ने दो दोस्तों को पकड़ा, तो पूरे मामले का खुलासा हो गया. बोकारो के पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा ने बताया कि बरामद कपड़ों से पहचान की पुष्टि होने की संभावना है, हालांकि अंतिम पुष्टि डीएनए जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है और मामले की गहराई से जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं था.
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