प्रतिभा से प्रणय बनी लड़की, महिला विभाग ने नौकरी पर रखने से किया मना

प्रतिभा तिवारी का चयन महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला पर्यवेक्षिका के रूप में 2015 में हुआ था. प्रतिभा तिवारी की पदस्थापना ईचागढ़ में हुई थी. लेकिन कुछ समय बाद परेशानी होने पर प्रतिभा ने अपना ऑपरेशन कराया और प्रणय तिवारी बन गया. जब प्रणय बनी प्रतिभा योगदान के लिए विभाग पहुंची तो मामला फंस गया.

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ट्रांसजेंडर प्रणय तिवारी ट्रांसजेंडर प्रणय तिवारी

अजीत तिवारी / धरमबीर सिन्हा

  • रांची,
  • 02 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

झारखंड में ट्रांसजेंडर का पहला मामला सामने आया है. झारखण्ड के सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ में एक महिला प्रतिभा तिवारी ने ऑपरेशन करवाया, जिसके बाद प्रणय तिवारी बन गया.

प्रतिभा तिवारी का चयन महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला पर्यवेक्षिका के रूप में 2015 में हुआ था. प्रतिभा तिवारी की पदस्थापना ईचागढ़ में हुई थी. लेकिन कुछ समय बाद परेशानी होने पर प्रतिभा ने अपना ऑपरेशन कराया और प्रणय तिवारी बन गया. जब प्रणय बनी प्रतिभा योगदान के लिए विभाग पहुंची तो मामला फंस गया.

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काम करने से विभाग ने रोका

ऑपरेशन के बाद काम पर लौटे प्रणय तिवारी उर्फ प्रतिभा तिवारी को विभाग ने काम करने से रोक दिया है. दरअसल, विभाग के सामने परेशानी यह है कि जिस विभाग में उसकी नियुक्ति हुई थी वो विभाग सिर्फ महिलाओं के लिए ही है.

महिला से पुरुष बने प्रणय की नियुक्ति का आधार ही महिला होना था. ऐसे में विभाग के सामने भी धर्म-संकट खड़ा हो गया है कि उसे कैसे महिला पर्यवेक्षिका के रूप में काम कराया जाए.

मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार

विभाग के अड़ंगे के बाद प्रणय ने अपना योगदान सुनिश्चित कराने के लिए मुख्यमंत्री रघुवर दास के समक्ष भी गुहार लगाई है. मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग से मामले से संबंधित रिपोर्ट तलब की है. फिलहाल महिला से पुरुष बने प्रणय का प्रश्न सभी के लिए बन गया है.

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