झारखंड के लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत भैंसादोन गांव में उस समय हंगामा मच गया, जब एलएलसी कंपनी के पदाधिकारी और कर्मचारी गांव पहुंचे. ग्रामीणों ने कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को चारों ओर से घेर लिया और उन्हें बंधक बना लिया. अचानक हुई इस घटना से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
करीब दो घंटे तक कंपनी के अधिकारी ग्रामीणों के बीच फंसे रहे. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति के गांव में आकर भोले-भाले लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है. ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर कंपनी के लोग दोबारा बिना अनुमति गांव में आए, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा.
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जमीन अधिग्रहण को लेकर नाराजगी
बताया जा रहा है कि भैंसादोन गांव में कोयला खनन के लिए भारत सरकार की एक कंपनी को अनुमति मिली है, लेकिन गांव के लोग अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं. इसके बावजूद कंपनी की ओर से अलग-अलग सहयोगी कंपनियों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू किया गया है. इसी सर्वे के सिलसिले में एलएलसी कंपनी के कुछ लोग कंबल वितरण के बहाने गांव पहुंचे थे.
जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, वे उग्र हो गए. ग्रामीणों का कहना था कि कंपनी के लोग बिना ग्राम सभा की अनुमति के गांव में प्रवेश कर रहे हैं और लालच देकर जमीन लेने की कोशिश कर रहे हैं. इसी बात को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कंपनी के लोगों को घेर लिया.
पुलिस के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस पिकेट प्रभारी रामजी ठाकुर पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे. पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण इतने नाराज थे कि वे किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे.
काफी समझाइश के बाद ग्रामीण इस शर्त पर मान गए कि कंपनी के अधिकारी गाड़ी से उतरकर ग्रामीणों के सामने यह वादा करेंगे कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के वे दोबारा गांव में नहीं आएंगे. इसके बाद ग्रामीणों ने कंपनी के पदाधिकारियों और कर्मियों को छोड़ दिया. पुलिस की मौजूदगी में सभी लोग सुरक्षित तरीके से गांव से बाहर निकल सके.
संजीव कुमार गिरी