एक तरफ जहां इस कोरोना काल में लोग डॉक्टरों को भगवान का दर्जा दे रहे हैं, वहीं कुछ डॉक्टर ऐसे भी हैं जो इस आपदा में अवसर तलाश रहे हैं. ऐसा ही एक मामला झारखंड के बोकारो जिले से सामने आया है.
बोकारो जिले के चास अनुमंडलीय अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए चाहिए होती है मोटी रकम. वह भी तब जब मृतक के किसी आश्रित को नौकरी मिलनी हो या उसे बीमारी में बड़ा पैसा मिलने वाला हो. यदि परिजन मोटी रकम देने में सक्षम नहीं हो या देने से मना कर दे तो मृतक शराबी हो सकता है और उसकी मौत लिवर डैमेज होने की वजह से हो सकती है. इस बात का खुलासा एक वायरल ऑडियो टेप से हुआ है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए अवैध वसूली
बोकारो में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर विकास और मृतक के बेटे का ओडियो वायरल हो रहा है जिसमे पोस्टमार्टम के लिए पैसे की बात हो रही है.
हालांकि इस वायरल ओडियो की पुष्टि हम नहीं करते है, लेकिन जब हमने डॉक्टर विकास से बात की तो उन्होंने साफ तौर पर यह माना कि उस ऑडियो क्लिप में आवाज मेरी ही है. और मुझे साजिश के तहत फंसाने का काम किया जा रहा है. मैंने कोई पैसे की डिमांड नहीं की है. मुझे फंसाने वाले पर मैं मानहानि का केस करूंगा.
इस पूरे मामले की जांच करने की बात बोकारो सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक के द्वारा की गई है. सिविल सर्जन ने कहा है कि पूरे मामले की जानकारी मिली है जिसपर जांच की जा रही है. और हमने डॉक्टर से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही सिविल सर्जन ने बताया कि इस तरह का जो मामला डॉक्टर के खिलाफ आया है, ये डॉक्टरी पेशा को शर्मसार करता है.
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क्या है ये पूरा मामला?
बताते चले कि मामला बोकारो जिला के कथारा आफिसर्स कॉलोनी के रहने वाले बैंक कर्मी मृतक हिलारियस तिग्गा की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर है. जिसकी मौत रेलवे फाटक के पास बाइक के गिरने से हुई होती है. मृतक के 22 वर्षीय पुत्र हेमंत तिग्गा ने चास अनुमंडलीय अस्पताल के डाक्टर विकास कुमार पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने के एवज में 75 हजार मांगे जाने का आरोप लगाया. साथ ही युवक ने बातचीत का ऑडियो भी वायरल किया है जंहा मृतक हिलारियस तिग्गा के पुत्र ने डॉक्टर विकास कुमार द्वारा पैसे मांगे जाने की बात कही है.
बहरहाल मामला जो भी हो लेकिन जिस तरह ऑडियो टेप में बात हो रही है, कहीं ना कहीं यह पूरे डॉक्टरी पेशे को शर्मसार करने वाली बात है क्योंकि डॉक्टर को दूसरे भगवान का दर्जा दिया जाता है.ऐसी घटनाएं लोगों के विश्वास को कम करने वाली साबित हो सकती हैं. (रिपोर्ट- संजय कुमार, सत्यजीत कुमार)
सत्यजीत कुमार