झारखंड में आकाशीय बिजली का कहर... चतरा में 3 महिलाओं की मौत, कई लोग घायल

झारखंड के चतरा जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं. इनमें तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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आकाशीय बिजली गिरने से दो बहनों और एक महिला की मौत. (Photo: Representational) आकाशीय बिजली गिरने से दो बहनों और एक महिला की मौत. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • चतरा,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST

झारखंड के चतरा में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां आकाशीय बिजली गिरने की दो घटनाओं में तीन महिलाओं की जान चली गई. वहीं कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. पहली घटना पत्थलगड्डा प्रखंड के बंदरचुआ गांव में हुई, जहां 35 वर्षीय शमा परवीन की मौत हो गई. शमा परवीन महुआ फूल बीनने के लिए खेत की ओर गई थीं, तभी अचानक मौसम खराब हो गया और बादलों के गरजने के साथ आकाशीय बिजली गिर गई. इसकी चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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इस हादसे में उनकी 12 साल की बेटी और 55 वर्षीय भाभी घायल हो गईं. दोनों को तुरंत इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है.

यह भी पढ़ें: कौशांबी: आकाशीय बिजली गिरने से दो महिलाओं की दर्दनाक मौत, एक किशोरी झुलसी, गांव में पसरा मातम

वहीं दूसरी घटना जेहरा गांव में हुई, जहां 22 वर्षीय कल्याणी देवी और 25 वर्षीय पूनम देवी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. दोनों सगी बहनें थीं. दोनों अपने घर के बाहर बैठी थीं, तभी पास के एक पेड़ पर बिजली गिरी और दोनों चपेट में आ गईं.

इस हादसे में पूनम देवी के पति संजय भुइयां भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है.

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स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि दोनों घटनाएं अचानक मौसम बदलने और तेज आंधी-तूफान के दौरान हुईं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे या खेतों में जाने से बचें, क्योंकि इस तरह की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आकाशीय बिजली से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहना और मौसम खराब होने पर तुरंत शरण लेना बेहद जरूरी है.

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