झारखंड के गिरिडीह जिले के पचंबा थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और गलत हरकत करने का आरोप लगा है. पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी प्रिंसिपल मो. इमामुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. घटना सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस के अनुसार, पचंबा थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली 14 वर्षीय छात्रा स्थानीय स्कूल में पढ़ाई करती है. आरोप है कि पढ़ाई के दौरान पिछले कई दिनों से स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा छात्रा के साथ छेड़छाड़ और गलत हरकत की जा रही थी. डर और शर्म के कारण छात्रा लंबे समय तक यह बात किसी को नहीं बता पाई.
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दो दिन पहले हुई कथित घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर अपने पिता से कहा कि वह अब स्कूल नहीं जाएगी. पिता ने जब कारण पूछा तो छात्रा ने पूरी घटना बताई. यह सुनकर परिवार के होश उड़ गए और मामले को लेकर तुरंत कदम उठाया गया.
स्कूल पहुंचने पर मिली धमकी
पीड़िता के पिता जब स्कूल पहुंचकर मामले की जानकारी लेने गए तो उन्हें कथित रूप से धमकी दी गई. इसके बाद उन्होंने समाज के लोगों से संपर्क किया और पूरी घटना बताई. समाज के प्रबुद्ध लोगों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पचंबा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी.
इसके बाद पीड़िता की ओर से थाने में आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
इस संबंध में पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपी प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इलाके में आक्रोश, स्कूल की जांच की मांग
घटना सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर में इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
गिरिडीह नगर निगम के वार्ड कमिश्नर संजीव कुमार ने घटना की कड़ी निंदा की है. उन्होंने जिला प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और संबंधित स्कूल की जांच कराने की मांग की है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बच्चों और अभिभावकों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर कमजोर होता है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई बेहद जरूरी है.
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