पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला अनुमंडल से हैरान कर देने वाला पारिवारिक विवाद सामने आया है. इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के जवान की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद अब उसके बूढ़े माता-पिता और विधवा पत्नी के बीच ₹1 करोड़ की दुर्घटना बीमा राशि को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया है. जवान के बुजुर्ग पिता ने बहू पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मुसाबनी मुख्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है.
दरअसल, यह मामला घाटशिला के मुसाबनी क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पूर्व में IRB में कार्यरत जवान सुधीर कुमार सिंह की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद जो सहारा मिलना चाहिए था, वह भी विवाद और कानूनी लड़ाई में उलझ गया है.
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सड़क हादसे में जवान की मौत
जानकारी के मुताबिक, सुधीर कुमार सिंह (28) की मौत 26 मई 2025 को हुई थी. वह ड्यूटी से घर लौट रहे थे और साइकिल पर सवार थे, तभी मुसाबनी में एक ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई. इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.
सुधीर कुमार सिंह इंडिया रिजर्व बटालियन में कार्यरत रह चुके थे. उनकी असमय मौत के बाद परिवार को मिलने वाली सुविधाओं और बीमा राशि को लेकर उम्मीद थी कि इससे बूढ़े माता-पिता और अन्य परिजनों का जीवन किसी तरह संभल सकेगा.
₹1 करोड़ की बीमा राशि पर विवाद
परिजनों का आरोप है कि मृतक की विधवा पत्नी नेहा कुमारी ने लालच में आकर ₹1 करोड़ की दुर्घटना बीमा राशि पर अपना दावा ठोक दिया है. जबकि बीमा पॉलिसी में नोमिनी के रूप में सुधीर की मां इतवारू देवी का नाम दर्ज है. बताया गया कि बहू ने इंश्योरेंस कंपनी को पत्र लिखकर नोमिनी को भुगतान नहीं करने का अनुरोध किया.
जब इंश्योरेंस कंपनी की ओर से यह आवेदन स्वीकार नहीं किया गया, तो नेहा कुमारी ने भोजपुर के अवर न्यायाधीश प्रथम के न्यायालय में अपील दायर कर बीमा भुगतान पर रोक लगवा दी. इससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं.
मुसाबनी मुख्यालय पहुंचे बुजुर्ग पिता
शुक्रवार को मृतक जवान के बुजुर्ग पिता और उनके चाचा मुसाबनी स्थित IRB-2 मुख्यालय पहुंचे. उन्होंने कमांडेंट को एक लिखित शिकायत सौंपते हुए बहू पर गंभीर आरोप लगाए. शिकायत में कहा गया है कि बहू का उनके बेटे के साथ दांपत्य जीवन कभी सामान्य नहीं रहा और उसने पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किया.
परिजनों का कहना है कि बहू ने पति की मौत के बाद सास-ससुर और कुंवारी ननद को बेसहारा छोड़ दिया है. अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बूढ़े माता-पिता न्याय और सम्मान की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं.
परिजनों की मांग और पीड़ा
मृतक जवान के पिता और अन्य परिजन चाहते हैं कि दुर्घटना में मिलने वाली बीमा राशि पॉलिसी के अनुसार नोमिनी इतवारू देवी को मिले. उनका कहना है कि इसी राशि से कुंवारी बेटी की शादी, बीमार बेटे का इलाज और पूरे परिवार का जीवन-यापन संभव हो सकेगा.
सात महीने बाद अब मृतक जवान की सर्विस बुक में बहू का नाम दर्ज होने पर भी परिजनों ने आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि यह मामला केवल पैसों का नहीं, बल्कि बूढ़े मां-बाप के सम्मान और भविष्य से जुड़ा है. फिलहाल, मामला कानूनी प्रक्रिया में है और परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है.
सत्यजीत कुमार