झारखंड के गढ़वा जिले में एक सरकारी स्कूल में अनुशासनहीनता का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. मेराल अंचल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सोहबरिया में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्राओं के विदाई समारोह के दौरान स्कूल परिसर में डीजे लगाकर अश्लील गाने बजाने और उन पर डांस करने का मामला सामने आया है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया.
मामले की जानकारी मिलने के बाद गढ़वा के जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू की. जांच में सामने आया कि समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में अशोभनीय और अश्लील गीत बजाए गए और छात्राओं के साथ प्रभारी प्रधानाध्यापक तथा कुछ शिक्षकों ने डांस किया. इसे विद्यालय की गरिमा और शैक्षणिक वातावरण के खिलाफ माना गया.
प्रभारी प्रधानाध्यापक को तत्काल निलंबित किया गया
प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए झारखंड सरकारी सेवक नियमावली, 2016 के तहत प्रभारी प्रधानाध्यापक कुंदन कुमार रंजन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, गढ़वा निर्धारित किया गया है.
इसके साथ ही राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के निर्देश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी. विभागीय नियमों के तहत निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा.
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दो शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू
इस मामले में सहायक शिक्षक पुरुषोत्तम पंडित और सुबेश्वर राम का आचरण भी अनुचित पाया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने झारखंड सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली, 2021 के तहत इसे शिक्षक आचरण के खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है.
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए दो दिनों के भीतर कृत कार्रवाई की रिपोर्ट जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना, गढ़वा को उपलब्ध कराई जाए. इसकी एक प्रति जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय को भी भेजने के लिए कहा गया है.
जिला शिक्षा अधिकारी ने दी सख्त चेतावनी
जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने साफ कहा है कि विद्यालयों में अनुशासन, नैतिकता और शिक्षा के अनुकूल माहौल बनाए रखना विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्कूलों में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या शिक्षक की मर्यादा के खिलाफ आचरण को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ऐसे मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी.
चंदन कश्यप