6 माह पहले बने कैप्टन, 3 दिन बाद थी छुट्टी, झारखंड एयर एम्बुलेंस क्रैश में गई पायलट की जान, Inside Story

झारखंड के चतरा जिले में एयर एम्बुलेंस हादसे में पायलट विवेक विकास भगत की मौत हो गई, जिससे लातेहार में शोक की लहर है. लूटी गांव निवासी विवेक, इंजीनियर देवसहाय भगत के इकलौते पुत्र थे और छह माह पहले ही कैप्टन बने थे. वह दोस्त की सगाई में शामिल होने छुट्टी लेने वाले थे. उनकी शिक्षा रांची व विशाखापट्टनम में हुई थी. घटना के बाद पूर्व मंत्री वैद्यनाथ राम ने गांव पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी.

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अपने पिता के इकलौते बेटे थे विवेक विकास भगत. Photo ITG अपने पिता के इकलौते बेटे थे विवेक विकास भगत. Photo ITG

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 24 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:40 PM IST

झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के जंगल में सोमवार रात हुए एयर एम्बुलेंस हादसे में पायलट विवेक विकास भगत की मौत हो गई. इस दुखद खबर से लातेहार जिले में शोक की लहर दौड़ गई है. मृतक विवेक विकास भगत लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित लूटी गांव के निवासी थे. वह इंजीनियर देवसहाय भगत के इकलौते पुत्र थे. बताया जा रहा है कि विवेक न केवल होनहार थे, बल्कि व्यवहार कुशल भी थे. उनके निधन से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है.

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विवेक के पिता देवसहाय भगत वर्तमान में चतरा जिले के ग्रामीण कार्य विभाग में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. सोमवार देर रात जैसे ही लोगों को विमान दुर्घटना में विवेक की मौत की सूचना मिली, लूटी गांव समेत आसपास के इलाकों में शोक का माहौल हो गया.

6 महीने पहले बने थे कैप्टन
जानकारी के अनुसार, विवेक का करीब छह महीने पहले ही कैप्टन पद पर प्रमोशन हुआ था. वह 27 फरवरी को अपने बचपन के दोस्त उदय नारायण की रांची में होने वाली सगाई में शामिल होने वाले थे. इसके लिए उन्होंने एक मार्च तक की छुट्टी भी आवेदन कर रखी थी. विवेक मूल रूप से लातेहार थाना क्षेत्र के आरागुंडी पंचायत के पांडुका गांव के रहने वाले थे, जबकि रांची में भी उनका आवास है.

क्या रही विवेक की शिक्षा और करियर?
विवेक की प्रारंभिक शिक्षा रांची के सन थॉमस स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने विशाखापट्टनम स्थित चैनल चैतन्य अकादमी से प्लस टू (साइंस) की पढ़ाई पूरी की. पायलट बनने के लिए उन्होंने कानपुर में प्रशिक्षण लिया और बाद में दो महीने के लिए दक्षिण अफ्रीका जाकर अपनी ट्रेनिंग पूरी की. वर्ष 2022 में उन्होंने रेड बर्ड प्राइवेट कंपनी जॉइन की थी.

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गांव से था गहरा लगाव
विवेक के दोस्त उदय नारायण ने बताया कि उन्हें अपने गांव से काफी लगाव था. जब भी समय मिलता, वह गांव आकर दोस्तों के साथ समय बिताते थे. विवेक की एक छोटी बहन अनु अभिलाषा भगत है, जो त्रिपुरा में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है.

पूर्व मंत्री पहुंचे गांव
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री वैद्यनाथ राम विवेक के पैतृक गांव पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. उन्होंने बताया कि विवेक का पूरा परिवार शिक्षित है और सुदूर क्षेत्र में रहकर भी उन्होंने अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया.

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