झारखंड में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही सरकार के सामने चुनौती वैक्सीनेशन अभियान भी है. अफवाहों के कारण झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं. अब झारखंड सरकार ने ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की सुस्त रफ्तार को देखते हुए ट्राइबल भाषा में भी जागरूकता फैलाने का फैसला किया है.
एक तरफ जहां शहरों के टीकाकरण केंद्रों पर भीड़ है, वहीं देहात में अनुमंडल स्तर के अस्पतालों में इक्का-दुक्का लोग ही टीका लगवाते दिख रहे हैं. 18 से 44 साल के वैक्सीनेशन अभियान में भी अभी तक सिर्फ 30 हज़ार लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन करवाया है. टीकाकरण में लोगों की घटती दिलचस्पी को लेकर सरकार ने जागरूकता अभियान शुरू किया है.
सरकार के निर्देश के बाद कई जिलों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर जागरूकता फैला रहे हैं. भ्रम की स्थिति को दूर करने की कवायद शुरू हो चुकी है. इसी क्रम में दुमका के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा द्वारा गादीकोरिया पंचायत के पहाड़िया टोला एवं ऊपर टोला में ग्रामीणों को कोविड-19 के टीकाकरण हेतु प्रेरित किया गया.
उनके द्वारा लोगों के घर-घर जाकर टीकाकरण कराने की अपील की गई, ताकि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण कराया जा सके. लोगों को मास्क पहनने एवं शारीरिक दूरी का अनुपालन करने को कहा गया. अपील की गई कि हॉट-बाजार में भीड़ ना लगाएं. घर से जरूरी काम से निकलते समय मास्क अवश्य लगाएं. सैनिटाइजर का प्रयोग जरूर करे.
(रिपोर्ट - दुमका से मृत्युंजय पांडेय के साथ सत्यजीत कुमार)
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