पुलवामा हमले से जुड़े कथित मास्टरमाइंड हमजा बुरहान को लेकर कुछ अहम जानकारियां एक बार फिर सामने आई हैं. सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े इनपुट के अनुसार हमजा बुरहान पाकिस्तान जाने से पहले दक्षिण कश्मीर में कमांडर के रूप में सक्रिय था. साल 2018 में उसका एक प्रोपेगेंडा वीडियो जारी किया था. जिसमें वो स्थानीय युवाओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस तरह के वीडियो का इस्तेमाल युवाओं के ब्रेनवॉश और भर्ती के लिए किया जाता था. हमजा बुरहान पर घाटी में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने की कोशिश में जुटा था.
बता दें, हमजा बुरहान को 2019 के पुलवामा आतंकी हमले से जुड़ा प्रमुख आरोपी था. इस हमले में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे. इस हमले को जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था. आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी कार को सीआरपीएफ काफिले से टकरा दिया था. हमजा बुरहान मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के खरबटपोरा इलाके का रहने वाला था. वह रत्निपोरा क्षेत्र से जुड़ा था. वीडियो में वो भारत पर हमलों और विरोधी कार्रवाइयों को सही ठहराने की बात कही. साथ ही संगठित संघर्ष का हिस्सा बताया गया. आतंकी हमजा बुरहान ने कश्मीर में आज़ादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने की बात भी कही थी.
वीडियो में युवाओं को प्रभावित करने कोशिश
जानकारी के अनुसार वह 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था. बाद में वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-बदर से जुड़ गया और संगठन में कमांडर के पद तक पहुंच गया. भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने साल 2022 में हमजा बुरहान को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों और भर्ती से जुड़ा हुआ था.
पाकिस्तान जाने से पहले घाटी में सक्रिय था हमजा
बताया जाता है कि वर्ष 2018 में उसका एक प्रचार वीडियो भी जारी किया गया था, जिसमें वह स्थानीय युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें संगठन से जोड़ने की बात करता दिखाई देता है. इस वीडियो को उस समय ब्रेनवॉश और प्रोपेगेंडा सामग्री के रूप में देखा गया था. हमजा बुरहान को डॉक्टर के नाम से भी जाना जाता था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह कश्मीर से बाहर रहकर भी घाटी में सक्रिय नेटवर्क को प्रभावित करने की कोशिश करता रहा.
अरविंद ओझा