जीएसटी के विरोध में कश्मीर घाटी में लगा धारा 144, बंद रहीं दुकानें

व्यापारियों और विपक्षी दलों का दावा है कि नई कर व्यवस्था से जम्मू कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 में प्राप्त विशेष दर्जा का हनन होगा. वैसे सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चल रहे है. केटीएमएफ ने घाटी में शनिवार के लिए शुक्रवार को ही बंद का आहवान किया था. उसने कहा था कि वर्तमान स्वरूप में जीएसटी से जम्मू कश्मीर की वित्तीय स्वायतता कमजोर होगी. यह कानून राज्य के लोगों को स्वीकार्य नहीं है.

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जम्मू-कश्मीर जम्मू-कश्मीर

BHASHA / संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

जम्मू-कश्मीर में जीएसटी के विरोध में कश्मीर घाटी की ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शनिवार को बंद रहे. अधिकारियों ने एहतियातन श्रीनगर के कई हिस्सों में लोगों के एक जगह इकट्ठा होने पर रोक लगा दी. कश्मीर ट्रेडर्स एंड मैन्युफैक्चर्स (केटीएमएफ) ने बंद का आहवान किया था.

 

व्यापारियों और विपक्षी दलों का दावा है कि नई कर व्यवस्था से जम्मू कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 में प्राप्त विशेष दर्जा का हनन होगा. वैसे सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन सामान्य रूप से चल रहे है. केटीएमएफ ने घाटी में शनिवार के लिए शुक्रवार को ही बंद का आहवान किया था. उसने कहा था कि वर्तमान स्वरूप में जीएसटी से जम्मू कश्मीर की वित्तीय स्वायतता कमजोर होगी. यह कानून राज्य के लोगों को स्वीकार्य नहीं है.

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केटीएमएफ के अध्यक्ष मुहम्म्द यासिन खान ने यहां कहा कि 'हम इस नये कानून के विरद्ध हैं जिसमें वे एक भारत एक कर की बात करते हैं। हम इस नये कानून को लागू नहीं होने देंगे, चाहे हमें अपनी जान कुर्बान क्यों न करने पड़े.' उन्होंने कहा कि 'हम अपने विशेष दर्जे का हनन नहीं होने देगे.' कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होने की आशंका से अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर शहर के कई हिस्सों में पाबंदी लगा दी है.

 

श्रीनगर के जिलाधिकारी (उपायुक्त) ने बताया कि श्रीनगर के पुराने भाग में पांच थानाक्षेत्र में लगायी गई है.

 

 

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