जम्मू के नौशेरा इलाके में आज पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर पथराव और लाठी चार्ज हुआ, जिसमें करीब 2 दर्जन लोग जख्मी हो गए. जख्मी लोगों में करीब 6 पुलिसवाले भी शामिल हैं. एक प्रदर्शनकारी गंभीर रूप में घायल है, जिसे जम्मू मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है.
क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन
पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से लोग नौशेरा को जिला का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी मांग को ठुकरा दिया है. जम्मू के सीमावर्ती जिला राजौरी के नौशेरा तहसील में पिछले 1 महीने से भी ज्यादा समय से प्रदर्शन के साथ लगातार बंद का दौर जारी है. नौशेरा के लोगों की मांग है कि सरकार नौशेरा तहसील को जिला का दर्जा प्रदान करे.
का कहना है कि 1947 से पहले नौशेरा तहसील थी और उसके बाद राजौरी को जिला बना दिया गया. हालांकि सरकार ने शुक्रवार को कालाकोट, सुंदरबनी और नौशेरा के लिए चार एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट नियुक्ति किए. नियुक्ति के साथ ही हर तहसील में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट तैनात भी कर दिए गए हैं.
आदेश ठुकराया
नौशेरा के लोगों ने सरकार के इस आदेश को ठुकरा दिया है और कहा है कि हम तब तक लड़ते रहेंगे, जब तक नौशेरा को जिला का दर्जा नहीं दिया जाता है.
इस बीच, शनिवार को नौशेरा में सुबह से ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच में जमकर पथराव और लाठीचार्ज हुआ. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे. इसमें 2 दर्जन से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. इनमें करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. गंभीर रूप से घायल एक प्रदर्शनकारी को जम्मू कश्मीर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.
तनाव को देखते हुए नौशेरा के लिए अतिरिक्त भेजे गए हैं. राजौरी के डिप्टी कमिश्नर डॉ. शहीद इक़बाल चौधरी ने कहा कि सरकार ने उनकी मांग पूरी कर दी है. मगर कुछ लोग जिद्द पर अड़े हुए हैं. कानून व्यवस्था पर पूरा ख्याल रखा जा रहा है और किसी को भी कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
अश्विनी कुमार / वरुण शैलेश