जम्मू के सुंजवां में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले की जांच में एनआईए की टीम जुट गई है. एनआईए की टीम शुक्रवार शाम को घटनास्थल पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई. बता दें कि 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का घटनास्थल से 17 किलोमीटर दूर पाली गांव में एक सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है, लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी हमले को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम यहां पहुंची है.
बता दें कि शुक्रवार सुबह सुंजवां में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हो गई. सुरक्षाबलों ने कार्रवाई करते हुए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को मार गिराया. वहीं आतंकी हमले में सीआईएसएफ के एएसआई एसपी पटेल शहीद हो गए जबकि पुलिस हेड कांस्टेबल कठुआ के बलराज सिंह, अखनूर के एसपीओ साहिल शर्मा, ओडिशा के सीआईएसएफ के प्रमोद पात्रा और असम के अमीर सोरन घायल हो गए.
जम्मू के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कहा कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) संगठन से संबंधित कम से कम दो आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में एक विशेष सूचना पर एक तलाशी अभियान शुरू किया गया था. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों को देखते ही आतंकवादियों ने एक ग्रेनेड फेंका और फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की और आतंकियों को मार गिराया.
पीएम के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा की गई टाइट
जम्मू जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए हमने सुरक्षा व्यवस्था को काफी पुख़्ता कर दिया था. रात हमें सूचना मिली की सुंजवां के इलाके में कुछ आतंकवादी छिपे हैं जिनके इरादे ठीक नहीं हैं. हमने वहां एक क्वार्डन लगाया. आज सुबह लगभग 4 बजे के आसपास आतंकवादियों ने भागते हुए हमारे बाहरी क्वार्डन पर हमला किया. सुबह सर्च ऑपरेशन चलाया गया. कार्रवाई में दोनों आतंकवादी मारे गए. आतंकवादियों की शिनाख़्त नहीं हुई है.
घटनास्थल से 17 किलोमीटर दूर पीएम मोदी का है कार्यक्रम
24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यहां से 17 किलोमीटर दूर पाली गांव में एक सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है. अगस्त 2019 में अनुच्छेद हटाने के बाद पीएम मोदी की यह पहली जम्मू-कश्मीर यात्रा होगी. इससे पहले उन्होंने 27 अक्टूबर 2019 को राजौरी में और 3 नवंबर 2021 को जम्मू संभाग के नौशेरा सेक्टर में सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी.
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