जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही कई नेताओं को एहतियात के तौर पर हिरासत में रखा गया था. बीते दिनों फारुक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को तो रिहा कर दिया गया, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को लेकर ये फैसला नहीं हुआ. इस बीच मंगलवार को मुफ्ती को उनके घर में शिफ्ट किया गया है, लेकिन उनपर लगा जनसुरक्षा कानून (PSA) जारी रहेगा.
इसी मसले पर पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को ट्वीट किया. उमर ने लिखा कि महबूबा मुफ्ती को सिर्फ घर में शिफ्ट करना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें तुरंत रिहा कर देना चाहिए.
महबूबा मुफ्ती को 5 अगस्त 2019 से ही हिरासत में रखा गया है, उनपर PSA के तहत कार्रवाई हुई थी. हालांकि, इस दौरान महबूबा मुफ्ती लगातार सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखती आई हैं.
दाढ़ी ट्रिम करवा कर नए लुक में दिखे उमर अब्दुल्ला, JK डोमिसाइल नीति पर उठाए सवाल
फारूक और उमर अब्दुल्ला हुए रिहा
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से अधिकतर को छोड़ दिया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी बीते दिनों हिरासत से बाहर आए.
पहले सरकार ने फारूक अब्दुल्ला को रिहा किया, फिर उमर को, दोनों ही नेताओं से PSA के तहत चार्ज हटा लिए गए थे. हिरासत से बाहर आने के बाद से उमर अब्दुल्ला सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं और सरकार के फैसलों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया, इसके अलावा राज्य का बंटवारा कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया. इस फैसले का कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने विरोध किया था, लेकिन स्थिति को संभालने का हवाला देते हुए सरकार ने कई नेताओं को हिरासत में लिया था.
aajtak.in