जम्मू-कश्मीर में भूकंप के तेज झटके, रिक्टर स्केल पर 4.2 रही तीव्रता

जम्मू-कश्मीर में रात 1 बजकर 25 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 दर्ज की गई. फिलहाल इस भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है.

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जम्मू-कश्मीर में रविवार को भूंकप के झटके महसूस हुए हैं. (Photo: ITG) जम्मू-कश्मीर में रविवार को भूंकप के झटके महसूस हुए हैं. (Photo: ITG)

अशरफ वानी

  • कश्मीर,
  • 01 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:46 AM IST

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए. रविवार, 1 मार्च 2026 को सुबह 1 बजकर 25 मिनट पर जम्मू-कश्मीर में भूकंप आया. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई. हालांकि, इस भूकंप के असर से अब तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है.

भूकंप का केंद्र डोडा जिले में 33.08 उत्तरी अक्षांश और 76.17 पूर्वी देशांतर पर स्थित था. इसकी गहराई जमीन से 5 किलोमीटर दर्ज की गई.

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इससे पहले 27 फरवरी 2026 को कोलकाता, हावड़ा, हुगली और आसपास के इलाकों में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. झटकों के दौरान लोग घबराकर घरों, दफ्तरों और स्कूलों से बाहर निकल आए थे.

इस भूकंप का केंद्र पश्चिम बंगाल के ताकी से लगभग 26 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित था. इसकी गहराई करीब 9.8 किलोमीटर दर्ज की गई.

5 प्रकार के भूकंप

भूकंप मुख्य रूप से 5 प्रकार के माने जाते हैं, जिनमें सबसे सामान्य टेक्टॉनिक भूकंप होते हैं. दुनिया के लगभग 90% भूकंप इसी श्रेणी में आते हैं. ये तब होते हैं जब पृथ्वी की टेक्टॉनिक प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं, रगड़ती हैं या अलग होती हैं. हिमालय क्षेत्र में आने वाले अधिकतर भूकंप इसी कारण होते हैं.

इसके अलावा ज्वालामुखीय भूकंप ज्वालामुखी के फटने से पहले या बाद में उत्पन्न होते हैं. सिकुड़ने या ढहने वाले भूकंप खदानों, गुफाओं या भूमिगत खाली स्थानों के ढहने से आते हैं.

वहीं, इंड्यूस्ड भूकंप मानव गतिविधियों जैसे बड़े बांधों का निर्माण, तेल-गैस निकालने या फ्रैकिंग के कारण उत्पन्न हो सकते हैं. इसके अलावा विस्फोटक भूकंप परमाणु परीक्षण या बड़े विस्फोटों के कारण भी दर्ज किए जाते हैं.

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