जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती रविवार को पंपोर हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद विपक्ष के हमलों से घिर गई हैं. श्रद्धांजलि देते वक्त उन्होंने कहा था कि रमजान के पाक महीने में सीआरपीएफ के आठ जवानों की हत्या शर्मनाक है.
रमजान में आतंकी हमला इस्लाम के खिलाफ
के निकट शनिवार को शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि मैं हमले की निंदा करती हूं. मुस्लिम होने के नाते मैं हमले से शर्मिदा हूं. इस तरह की घटना रमजान के महीने में हुई, जिसमें खुदा से अपने गुनाहों के लिए तौबा मांगी जाती है, पुण्य के काम किए जाते हैं.
आतंक को इस्लाम से जोड़ने पर सीएम की निंदा
विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस ने उनके इस बयान की निंदा की. पार्टी के प्रवक्ता जुनैद मट्टू ने कहा कि का यह बयान शर्मनाक है. पहले वह कहती थीं कि आतंक का कोई मजहब नहीं होता. फिर इस्लाम को कैसे आतंक से जोड़ दिया. एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनके बयान शर्मिंदा करने वाले हैं.
हमले में आठ जवान शहीद और 22 घायल हुए थे
लश्कर-ए-तैयबा के ने हमले को अंजाम दिया था. इन दोनों आतंकियों को भी मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था. सीआरपीएफ के शहीद जवानों में उप निरीक्षक जयचंद्रन और संजय कुमार, हेड कांस्टेबल बीर सिंह और जगतार सिंह और सिपाही संतोष साहू, सतीश चंद और राजेश शामिल हैं. हमले में 22 जवान घायल हो गए जिनका श्रीनगर स्थित में इलाज चल रहा है.
नसीर गनई