अनुच्छेद 370 हटने के बाद आए सकारात्मक बदलाव अपना रंग दिखा रहे हैं. सुदूरवर्ती और कभी उग्रवाद का शिकार रहे कुपवाड़ा में रहने वाले लोग अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं. लड़कियों की एक टीम पुणे में अपना क्रिकेट कौशल दिखाने जा रही है. इन लड़कियों का चयन कुपवाड़ा जिले के विभिन्न गांवों से किया गया है. इनमें से कई भविष्य में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं, तो कई आर्मी ऑफिसर और आईएएस बनना चाहती हैं.
भारतीय सेना 2021 में कुपवाड़ा में लड़कियों की एक क्रिकेट चैंपियनशिप आयोजित करने का विचार लेकर आई. ऑपरेशन सद्भावना के तहत, इसका आयोजन किया गया था जिसके पहले संस्करण में छह टीमों ने में भाग लिया था. सेना ने अधिक प्रतिभागियों को प्रेरित करने के अपने प्रयास जारी रखे और 2022 में टीमों की संख्या बढ़कर 14 हो गई. इस उत्साह को देखते हुए, भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करने वाले पुणे स्थित गैर सरकारी संगठन असीम फाउंडेशन ने पुणे में प्रैक्टिस मैच आयोजित करने का विचार प्रस्तावित किया.
14 दिन के पुणे दौरे पर 16 खिलाड़ियों की टीम
वार्षिक चैंपियनशिप में 16 लड़कियों को पुणे जाने के लिए चुना गया. फिर इन लड़कियों को स्थानीय खिलाड़ियों द्वारा प्रशिक्षित किया गया. कुपवाड़ा से पुणे जाने और फिर वापसी के लिए एक सद्भावना प्रोजेक्ट की मांग की गई. इसी के तहत 12 दिसंबर 23 को पटाहिरी गैरीसन से प्रभारी अधिकारी (महिला अधिकारी), जेसीओ-आईसी, दो एनसीओ (एनए और कोच) के साथ 16 खिलाड़ियों की एक टीम को 15 से 24 दिसंबर 2023 तक 14 दिनों के दौरे के लिए पुणे रवाना किया गया.
लड़कियों की टीम ने उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी से मुलाकात की और 14 दिसंबर को पुणे की अपनी यात्रा पर रवाना हुई. लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने टीम के सदस्यों को उनके चयन के लिए बधाई दी और उन्हें अपने रोजमर्रा के प्रयासों में खेल भावना को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया. इस दौरे पर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और रणजी खिलाड़ियों के साथ बातचीत करने के अलावा राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियमों में मैच खेलने का मौका मिलेगा.
अनमोल नाथ