बर्फबारी में रिश्तों की गर्माहट... 4 घंटे का जोखिम भरा सफर करके कपल ने रचाई शादी

मंडी जिले के सराज में भारी बर्फबारी के बीच एक दूल्हा अपनी बारात लेकर 7 किलोमीटर पैदल चलकर दुल्हन के घर पहुंचा. कुदरत की चुनौती पर भारी पड़े हौसले की इस कहानी में नवविवाहित जोड़े ने घुटनों तक जमी बर्फ को लांघकर शादी की रस्में पूरी कीं.

Advertisement
मंडी में बर्फबारी के बीच रचाई शादी (Photo: ITG) मंडी में बर्फबारी के बीच रचाई शादी (Photo: ITG)

सनी धर्मवीर

  • मंडी,
  • 26 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:49 AM IST

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बर्फबारी का सुहाना दौर जारी है. कड़ाके की ठंड के बीच एक कपल के रिश्तों की गर्माहट ने माहौल को खुशनुमा बना दिया, जब उन्होंने जिंदगी की सबसे बड़ी रस्म निभाई. मंडी जिले के सराज विधानसभा इलाके में 24 जनवरी को बुनालीधार गांव के रहने वाले गितेश ठाकुर और उषा ठाकुर ने बर्फबारी के बीच शादी रचाई.

Advertisement

इलाके में 3 से 4 फीट बर्फ जमी होने की वजह से सड़कें बंद थीं, जिसके चलते दूल्हे और बारातियों को भैंचड़ी गांव तक पहुंचने के लिए 7 किलोमीटर का जोखिम भरा पैदल सफर तय करना पड़ा. हिंदू रिवाजों के मुताबिक शुभ लग्न को टाला नहीं जा सकता था, इसलिए दूल्हे ने बर्फ की परवाह किए बिना यह पैदल यात्रा की. 

शादी की रस्में बर्फ के बीच ही निभाई गईं और विवाह के बाद दुल्हन ने भी उसी रास्ते से 3 से 4 घंटे पैदल चलकर अपने नए घर में प्रवेश किया. सराज के केओली पंचायत के इन दुर्गम गांवों के बीच हुई. यह शादी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. भारी बर्फबारी के कारण जंजैहली, थुनाग और सराची जैसे इलाकों में बिजली-पानी और सड़क सुविधाएं पूरी तरह प्रभावित हैं.

Advertisement

लग्न के लिए बर्फ पर 4 घंटे का संघर्ष

गितेश ठाकुर की बारात के लिए 23 जनवरी को हुई भारी बर्फबारी सबसे बड़ी रुकावट थी, लेकिन तय लग्न को न टालने की परंपरा ने बारातियों को साहस दिया. गाड़ियों के पहिये थमने के बाद दूल्हा और उसके साथी करीब 4 घंटे तक बर्फ को काटते हुए आगे बढ़े. रास्ते में कई फीट ऊंची बर्फ की परत जमी हुई थी, जिसने इस सफर को थका देने वाला और जोखिम भरा बना दिया था.

सफेद चादर के बीच सात फेरे और विदाई

दुल्हन उषा के घर पर चारों तरफ बर्फ ही बर्फ थी, उसी सफेद चादर के बीच शादी की सभी रस्में पूरी की गईं. शादी के बाद विदाई का सीन भी उतना ही यादगार था, जब दुल्हन ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत उसी कठिन रास्ते पर पैदल चलकर की. दुल्हन के साथ बारात फिर से 7 किलोमीटर का सफर तय कर वापस लौटी, जिसके बाद वधु प्रवेश की रस्म निभाई गई.

प्रशासन के लिए अब भी बड़ी चुनौती

सराज क्षेत्र के जंजैहली, बगस्याड, लम्बाथाच और कल्हणी जैसे इलाकों में रिकॉर्ड बर्फबारी हुई है. इससे न केवल यातायात ठप है, बल्कि बिजली और पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है. प्रशासन इन मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने के कार्य में जुटा है, लेकिन इस बीच इस अनोखी शादी ने स्थानीय लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »