हिमाचल प्रदेश में बारिश आफत बनकर बरस रही है. पिछले कई दिनों से हो रही भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. सड़कों से लेकर लोगों के घरों तक हर जगह पानी ही पानी है.शिमला, कुल्लू और मंडी में बादल फटने की वजह तबाही मची हुई है. सेना, आइटीबीपी, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं.
लाहौल, स्पीति, चंबा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण नुकसान की खबरें हैं, लेकिन किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. लाहौल और स्पीति पुलिस ने निवासियों और यात्रियों को अत्यधिक सावधानी बरतने और नदी नाले को पार न करने की सलाह जारी की है.
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है. वहीं 16 अगस्त तक पूरे राज्य में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिसमें सिरमौर के नाहन में शुक्रवार शाम से अब तक सबसे अधिक 168.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद सैंडहोल में 106.4 मिमी, नगरोटा सूरियां में 93.2 मिमी, धौलाकुआं में 67 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 62.2 मिमी और कंडाघाट में 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई.
हिमाचल के 288 स्टेट रोड बंद और 5 नेशनल हाईवे से भी कनेक्शन कटा
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सिरमौर में 42, कुल्लू में 37, मंडी में 29, शिमला में 17, कांगड़ा में पांच, किन्नौर में चार, लाहौल और स्पीति जिले में एक सहित 135 सड़कें बंद हैं, जबकि बारिश के कारण 24 बिजली और 56 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं. मौसम विभाग ने रविवार सुबह तक चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ के खतरे की चेतावनी जारी की है. वहीं निचले इलाकों में तेज हवाओं और जलभराव के कारण बागानों, फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने की संभावना के बारे में अलर्ट जारी किया गया है.
बता दें कि 31 जुलाई की रात को कुल्लू, मंडी और शिमला जिले में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए लगभग 30 लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान जारी है. अधिकारियों ने बताया कि इस अब तक 28 शव बरामद किए जा चुके हैं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोग मारे गए हैं. वहीं 27 जून से 9 अगस्त के बीच राज्य को लगभग 842 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
बता दें कि 1 जून से शुरू हुए मॉनसून के दौरान राज्य में बारिश की कमी 10 अगस्त तक 28 प्रतिशत रही और हिमाचल प्रदेश में औसत 455.5 मिमी के मुकाबले 328.8 मिमी बारिश हुई. वहीं लाहौल और स्पीति जिले का कुकुमसेरी रात में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना दिन में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम में पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है.
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