केंद्र सरकार ने रविवार को जाटों को आरक्षण देने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने का ऐलान कर दिया, इसके बावजूद जाट प्रदर्शनकारी हरियाणा में हुड़दंग करना बंद नहीं कर रहे. दिल्ली से सटे सोनीपत के गन्नौर में उपद्रवियों ने एक माल गाड़ी को आग लगा दी. जबकि हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है.
70 ट्रेनें रद्द, हांसी में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
जाट आंदोलन के चलते अंबाला रूट पर पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाली 70 ट्रेनें रद्द कर दी गईं. एनएच-1 को सुबह पुलिस और सेना ने खुलवा लिया था,
लेकिन बाद में प्रदर्शनकारियों ने इसे फिर से पानीपत में जाम करने की कोशिश की. हिसार के हांसी में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बल झड़प हुई. कैथल में भी सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने हुड़दंग मचाया. शहर में हजारों की समुदाय में एक समुदाय विशेष के लाठियों से लैस होकर घरों में घुस गए और तोड़फोड़ की. पदमा सिटी मॉल में भी शीशे तोड़े गए. एक बाइक को भी आगे के हवाले कर दिया गया.
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा था, 'समिति बनाई गई. सरकार आरक्षण को लेकर तैयार है. कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और सरकार इसके लिए कड़े कदम भी उठा सकती है. मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे शांति बनाए रखें.' केंद्र की ओर से बनाई गई में सतपाल मलिक, अविनाश राय खन्ना, महेश शर्मा और संजीव बालियान शामिल हैं.
प्रदर्शनकारियों ने कहा- पहले ठोस फॉर्मूला बनाओ
सरकार के ठोस आश्वासन के बावजूद दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में सोमवार सुबह भी सड़कों पर डटे रहे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक ठोस फॉर्मूला नहीं बनाया जाएगा, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे.
बीजेपी ने दिया जाटों को आश्वासन
इससे पहले हरियाणा बीजेपी के प्रभारी अनिल जैन ने रविवार को आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने और आंदोलन खत्म करने की अपील की. जैन ने बताया कि सरकार द्वारा गठित समिति जाट समुदाय के मांगों पर विचार करेगी, जिसके बाद अंतिम फैसला और आरक्षण की रूपरेखा तय होगी.
आंदोलन के चलते गईं 12 की जान
बीते 9 दिनों से हरियाणा में जारी जाट आंदोलन में हिंसा चरम पर है. आंदोलनकारियों ने अब तक 1000 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया है, जबकि 7 जिलों में कर्फ्यू लागू है. इस आंदोलन में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है.
रोहित गुप्ता