गुरुग्राम के मोकालवास गांव में 11वीं की छात्रा घर से लापता हो गई. अगले दिन पता चला कि उसके कमरे में एक सुसाइड नोट है, जिसमें उसने लिखा- श्मशान घाट वाले तालाब में तलाश करना, वहीं मिलूंगी. पढ़ाई में होशियार और घरवालों से बेहद प्यार करने वाली बेटी ने आखिर ऐसा कदम क्यों उठाया, यह सवाल हर किसी के दिमाग में गूंज रहा है. परिजनों और पुलिस ने उसी रात तालाब की तलाशी ली और छात्रा का शव वहां मिला.
मामला गुरुग्राम के मोकालवास गांव का है. 11 फरवरी की देर रात 11वीं क्लास की छात्रा स्कूल ड्रेस पहनकर घर से निकली और फिर लापता हो गई. मामले की सूचना पुलिस को दी गई. पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले, जिसमें 16 वर्षीय छात्रा स्कूल ड्रेस में अकेले जाते हुए दिखाई दे रही है. लेकिन फिर उसके बाद वह लापता हो गई. परिजनों में चिंता थी.
पिता ने ऐलान किया कि बेटी का सुराग देने वाले को 1 लाख का इनाम दूंगा, लेकिन फिर तफ्तीश के दौरान पुलिस को छात्रा के कमरे से सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था- 'मम्मी पापा मुझे माफ कर देना, मैं दादा जी के पास जा रही हूं. मुझे तलाश न करना और अगर तलाश ही करनी है तो श्मशान वाले जोहड़ (तालाब) में कर लेना, मैं वहीं मिलूंगी.'
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छात्रा की डायरी से मिले सुसाइड नोट से परिजनों के होश उड़ गए. इसके बाद पुलिस और परिजन सीधे श्मशान में जोहड़ के पास पहुंचे. तालाब को खंगाला गया, इसी दौरान छात्रा का शव पुलिस ने बरामद कर लिया. पुलिस का कहना है कि छात्रा की डूबने से मौत हो गई थी.
शुरुआती जानकारी में सामने आया कि छात्रा 11वीं क्लास में थी, वह पढ़ाई में होशियार थी. उसका एक बड़ा भाई है. पिता कोर्ट की लाइब्रेरी में जॉब करते हैं. 11 फरवरी की देर शाम सभी परिजनों ने एक साथ डिनर किया, फिर छात्रा 'पढ़ाई करने जा रही हूं' कहकर अपने कमरे में गई और उसी रात स्कूल ड्रेस पहनकर घर से निकली और लापता हो गई थी. हालांकि छात्रा ने आत्महत्या क्यों की, इसका खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है. सुसाइड नोट को लेकर मामले की जांच हो रही है.
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नीरज वशिष्ठ