‘सरकारी तालिबानी’ बोलना गलत था, हमें खालिस्तानी या पाकिस्तानी ना बोलें: राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने इसको लेकर कहा है कि किसान इस बार अधिकारियों से बात करेंगे, हम चाहते हैं कि लाठीचार्ज में जिनको नुकसान पहुंचा उन परिवारों को मुआवजा मिले. साथ ही राकेश टिकैत ने ‘सरकारी तालिबानी’ शब्द पर मचे बवाल पर सफाई दी. 

Advertisement
किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो) किसान नेता राकेश टिकैत (फाइल फोटो)

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST
  • करनाल महापंचायत से पहले बोले राकेश टिकैत
  • हम अधिकारियों से बात कर मुद्दा सुलझाएंगे: टिकैत

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के बाद हरियाणा के करनाल (Karnal) में आज किसानों की महापंचायत है. भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने इसको लेकर कहा है कि किसान इस बार अधिकारियों से बात करेंगे, हम चाहते हैं कि लाठीचार्ज में जिनको नुकसान पहुंचा उन परिवारों को मुआवजा मिले. साथ ही राकेश टिकैत ने ‘सरकारी तालिबानी’ शब्द पर मचे बवाल पर सफाई दी. 

प्रशासन द्वारा लगाई गई पाबंदी पर राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि क्या इंटरनेट बंद होने से लोग नहीं जाएंगे. हम अधिकारियों से बात कर मुद्दे का हल निकालेंगे. सरकार अगर चाहे तो कृषि कानून पर बातचीत का माहौल बना सकती है. 

‘अगर पीएम बाहरी नहीं, तो हम क्यों’

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि हम हरियाणा जाते हैं तो वहां के मुख्यमंत्री हमें बाहरी बोलते हैं, अगर उन्हें ऐसा बोला जाए तो कैसा लगेगा. अगर प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में बाहरी नहीं हैं, तो हम हरियाणा-गुजरात में बाहरी कैसे हो गए. 

सरकार को राकेश टिकैत का जवाब

‘सरकारी तालिबानी’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि जिन शब्दों का प्रतिबंध है, उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. हमने जब सरकारी तालिबानी बोला तो इन्हें दर्द हुआ, लेकिन संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के लिए इसका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. लेकिन सरकार को भी हमारे लिए खालिस्तानी-पाकिस्तानी नहीं बोलना चाहिए. 

मुजफ्फरनगर में हुई नारेबाजी को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि हमने अल्लाह-हू-अकबर और हर-हर महादेव के नारे लगवाए, तो लोगों को परेशानी हुई. हमें हर किसी का सम्मान करना चाहिए, ऐसा नहीं करेंगे तो फिर संविधान ही बंद कर दो. अगर किसी को आपत्ति है, तो फिर कह दो कि वह मुसलमान का उगाया अन्न नहीं खाएंगे.

गौरतलब है कि मुजफ्फनगर की महापंचायत में लाखों की संख्या में किसान पहुंचे थे, जिसने सरकार को बड़ा संदेश भेजा. इसी के बाद अब करनाल में महापंचायत हो रही है. करनाल में कुछ दिन पहले लाठीचार्ज में कई किसानों को गंभीर चोट पहुंची थी, इसी के विरोध में किसान एकजुट हो रहे हैं. 

Advertisement


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement