फरीदाबाद पुलिस ने नकली करेंसी नोट छापने और बाजार में चलाने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उनके कब्जे से अलग-अलग कीमत के नकली नोट और एक प्रिंटर बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल नकली नोट छापने में किया जा रहा था. यह कार्रवाई शहर में चल रही सतर्कता के दौरान की गई.
पुलिस के मुताबिक, बरामद नकली नोटों में एक 500 रुपये का नोट, पांच 200 रुपये के नोट और दस 100 रुपये के नोट शामिल हैं. पुलिस ने जब आरोपियों से पूछताछ की तो नकली नोटों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.
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दोनों आरोपी 19 साल के युवक
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लकी (19) और योगेश (19) के रूप में हुई है. लकी उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गिडोह गांव का रहने वाला है, जबकि योगेश फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित मुकेश कॉलोनी का निवासी है. दोनों की उम्र महज 19 साल बताई जा रही है.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों युवक कम समय में पैसा कमाने की नीयत से इस अवैध काम में शामिल हुए थे.
प्रिंटर से छापे जाते थे नकली नोट
पूछताछ के दौरान आरोपी योगेश ने खुलासा किया कि वह घर पर ही प्रिंटर की मदद से नकली करेंसी नोट छापता था. इसके बाद वह इन नोटों को अपने साथी लकी को देता था, जो इन्हें बाजार में चलाने का काम करता था. पुलिस ने मौके से वही प्रिंटर भी जब्त कर लिया है, जिससे नकली नोट छापे जा रहे थे.
पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस गिरोह से और लोग तो जुड़े नहीं हैं.
कोर्ट में पेशी, न्यायिक हिरासत
पुलिस ने दोनों आरोपियों को शहर की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों को कहां-कहां खपाया गया और क्या इससे पहले भी ऐसे नोट बाजार में चलाए गए थे.
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